Thursday, June 4, 2026
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दिल्ली में होटल में लगी आग ने उजाड़ दिया CA विवेक अग्रवाल का परिवार, अस्पताल में भर्ती पिता को नहीं पता हादसे का सच

Malviya Nagar Fire: दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड में गुरुग्राम निवासी Vivek Agrawal का पूरा परिवार खत्म हो गया। विवेक अपने बीमार पिता से मिलने दिल्ली आए थे, जो अस्पताल में भर्ती हैं। उनके साथ पत्नी, दो बेटियां, मां तथा अन्य रिश्तेदार भी होटल में ठहरे थे।

Malviya Nagar Fire: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में हुए भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों को ऐसा जख्म दिया है, जो शायद कभी नहीं भर पाएगा. इस दर्दनाक हादसे में गुरुग्राम के रहने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) विवेक अग्रवाल का पूरा परिवार खत्म हो गया. विवेक अपने परिवार के साथ बुजुर्ग पिता की सेहत का हाल जानने दिल्ली पहुंचे थे.

बीमार पिता से मिलने गुरुग्राम से दिल्ली पहुंचे थे विवेक

जानकारी के अनुसार, विवेक अग्रवाल अपने पिता के इलाज के लिए परिवार सहित दिल्ली पहुंचे थे. उनके पिता गंभीर फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रहे हैं और राजधानी के मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं. विवेक के साथ उनकी पत्नी, दो बेटियों और बुजुर्ग मां भी साथ दिल्ली आए थे.

अस्पताल के पास रहने की सुविधा के लिए उन्होंने मालवीय नगर स्थित उस होटल में कमरा लिया, जहां बाद में भीषण आग लग गई. संयोग से विवेक के मौसा, मौसी और एक अन्य रिश्तेदार भी बीमार पिता से मिलने दिल्ली पहुंचे थे और उसी होटल में ठहरे हुए थे. किसी ने ये कल्पना भी नहीं की थी कि ऐसा कुछ हो जाएगा.

विवेक अगले दिन अपने पिता से मिलने वाले थे. पूरा परिवार अस्पताल जाने की तैयारी कर रहा था. तभी अचानक होटल में आग लग गई. देखते ही देखते पूरा भवन धुएं और आग की चपेट में आ गया. लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला. कई लोग कमरों में फंस गए और बाहर निकलने का रास्ता नहीं ढूंढ सके. हादसे में अग्रवाल परिवार के अधिकांश सदस्यों की दम घुटने और झुलसने से मौत हो गई.

कभी खत्म ना होने वाला इंतजार

इस त्रासदी की सबसे मार्मिक तस्वीर मैक्स अस्पताल के उस कमरे में मौजूद है, जहां विवेक के पिता जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं. उन्हें शायद अब भी अपने बेटे, बहू, पोतियों और परिजनों के आने का इंतजार होगा, लेकिन यह इंतजार अब कभी खत्म नहीं होगा.

गुरुग्राम में विवेक के घर पर पसरा मातम

वहीं गुरुग्राम के सेक्टर-46 स्थित विवेक अग्रवाल के घर में मातम पसरा हुआ है. पड़ोसियों के मुताबिक विवेक बेहद मिलनसार और मददगार व्यक्ति थे. उनकी पत्नी ने परिवार और बच्चों की परवरिश के लिए अपना करियर छोड़ दिया था, जबकि दोनों बेटियां पढ़ाई में बेहद होनहार थीं. लेकिन एक भयावह रात ने पूरे परिवार के सपनों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया.

ये भी पढ़ें: दिल्ली अग्निकांड में गद्दा कारोबारी बना फरिश्ता, गद्दे-रजाइयां बिछाकर बचाईं 8 लोगों की जान


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Premanshu Chaturvedi
Premanshu Chaturvedihttp://jagoindiajago.news
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