Malviya Nagar Fire: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग के दौरान मानवता की मिसाल पेश करते हुए एक गद्दा कारोबारी ने अपनी जान की परवाह किए बिना कई लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई. होटल के सामने दुकान चलाने वाले रियाजुद्दीन मंसूरी ने करीब 2 लाख रुपये मूल्य के गद्दे और रजाइयां सड़क पर बिछा दीं, ताकि इमारत में फंसे लोग सुरक्षित नीचे कूद सकें.
होटल में मची थी चीख-पुकार
मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में स्थित ‘फ्लरिश स्टे में बुधवार को भीषण आग लग गई थी. आग इतनी तेजी से फैली कि होटल के ऊपरी मंजिलों में फंसे लोग खिड़कियों से मदद की गुहार लगाने लगे. अधिकारियों के अनुसार, इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 11 विदेशी नागरिक भी शामिल थे. वहीं 35 लोग घायल हुए, जिनमें से 19 की हालत गंभीर बताई जा रही है.
8 लोगों की बचाई जान
रियाजुद्दीन मंसूरी और उनके बेटे अरमान ने जैसे ही आग लगने के बारे में सुना, वे अपने कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने होटल के बाहर 20 से 25 गद्दे और रजाइयां एक-दूसरे के ऊपर बिछाकर अस्थायी सुरक्षा कवच तैयार किया. रियाजुद्दीन का दावा है कि दमकल विभाग के पहुंचने से पहले ही इस व्यवस्था की मदद से कम से कम 8 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.
बेटे ने सुनाया घटनाक्रम
रियाजुद्दीन के बेटे अरमान ने बताया कि सुबह करीब 8.30 बजे उन्हें आग लगने की जानकारी मिली. जब वह मौके पर पहुंचे तो बेसमेंट पर आग धधक रही थी और ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोग नीचे कूदने को मजबूर थे. उन्होंने कहा, “लोग पूछ रहे थे कि क्या हम कूद जाएं. तब हमने तुरंत दुकान से गद्दे और रजाइयां निकालकर नीचे बिछा दीं. करीब 8 लोग उन पर कूदे और सुरक्षित बच गए.”
हिंदू-मुसलमान से ऊपर इंसानियत
करीब 40 वर्षों से इलाके में गद्दों की दुकान चला रहे रियाजुद्दीन ने बताया कि इस दौरान उन्हें लगभग 2 लाख रुपये का नुकसान हुआ. उन्होंने घायलों और मृतकों को ढंकने के लिए चादरें और रजाइयों के कवर भी उपलब्ध कराए. रियाजुद्दीन ने कहा, “हिंदू-मुसलमान से ऊपर इंसानियत है. हम सब हिंदुस्तानी हैं. जरूरतमंद लोगों की मदद करना मेरा फर्ज था.’
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