Monday, August 3, 2026
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शेयर बाजार में लौटी रफ्तार, सेंसेक्स 544 अंक उछला, निफ्टी भी 391 अंक बढ़ा, तेल की नरमी बनी वजह

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को लगातार चौथे सत्र तेजी रही। सेंसेक्स 544 अंक चढ़कर 78,639 पर और निफ्टी 391 अंक बढ़कर 24,774 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, विदेशी निवेश और वैश्विक तनाव घटने से बाजार को मजबूती मिली। जुलाई में एफआईआई 20,200 करोड़ रुपये के शुद्ध खरीदार रहे।

Share Market Update Today : मुबंई। स्थानीय शेयर बाजार में सोमवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी जारी रही और दोनों मानक सूचकांक लाभ में रहे। वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने के बीच कच्चे तेल के दाम में नरमी से बीएसई सेंसेक्स 544 अंक चढ़ गया जबकि एनएसई निफ्टी 391 अंक के लाभ में रहा। कारोबारियों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों के पूंजी प्रवाह से भी बाजार को समर्थन मिला। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 544.39 अंक यानी 0.70 प्रतिशत चढ़कर 78,639.03 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 800.46 अंक यानी एक प्रतिशत चढ़कर 78,895.10 अंक तक पहुंच गया था।

इन कंपनियों के शेयरों में आई तेजी

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला निफ्टी 390.70 अंक यानी 1.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,774.30 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इन्फोसिस, इटर्नल, आईटीसी और एक्सिस बैंक प्रमुख रूप से बढ़त में रहे। दूसरी तरफ, सन फार्मा, भारती एयरटेल, मारुति और टाटा स्टील के शेयर नुकसान में रहे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 4.62 प्रतिशत टूटकर 83.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 277.48 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की लिवाली की।लगातार चार महीने की बिकवाली के बाद विदेशी निवेशक जुलाई में भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध खरीदार बने। उन्होंने आकर्षक मूल्यांकन, कंपनियों के बेहतर वित्तीय नतीजों और वैश्विक परिस्थितियों में नरमी के बीच 20,200 करोड़ रुपये का निवेश किया।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत की उम्मीदों के चलते कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से बाजार को राहत मिली है। इससे मुद्रास्फीति और कंपनियों की आय को लेकर चिंताएं कम हुई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एफआईआई निवेश में सुधार और रुपये की मजबूती से भी बाजार धारणा को समर्थन मिला। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल का ऊंचा स्तर उभरते बाजारों में विदेशी निवेश के लिए अब भी एक प्रमुख जोखिम बना हुआ है।’’

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट गिरावट के साथ बंद हुए। हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में रहा। यूरोप के प्रमुख शेयर में दोपहर के कारोबार में बढ़त का रुख था। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स शुक्रवार को 166.49 अंक चढ़कर 78,094.64 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी 66.45 अंक बढ़कर 24,383.60 अंक पर रहा था।

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Mukesh Kumar
Mukesh Kumarhttps://jagoindiajago.news/
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