नई दिल्ली। CJP से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जांच अपने हाथ में ले ली है। इसी बीच संगठन के नेतृत्व को लेकर दीपके के नाम से एक कथित बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने आशुतोष रांका और सौरव दास को संगठन का असली नेतृत्वकर्ता बताया है। हालांकि, इस बयान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और ED तथा NIA की संभावित एंट्री को लेकर भी अभी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
दीपके के कथित बयान में क्या कहा गया?
सामने आए बयान के मुताबिक, दीपके ने दावा किया कि रांका और सौरव ही CJP के वास्तविक निर्णयकर्ता थे, जबकि वह केवल संगठन का चेहरा बनकर सामने आते थे। कथित बयान में उन्होंने कहा कि वह दोनों के निर्देशों का पालन करते थे और आंदोलन को आगे बढ़ाने में रांका तथा सौरव की भूमिका अहम थी। दीपके के नाम से सामने आए इस बयान में यह भी कहा गया कि संगठन के फैसले लेने की क्षमता रांका और सौरव में उनसे बेहतर थी। हालांकि, बयान की प्रामाणिकता की पुष्टि के लिए किसी आधिकारिक रिकॉर्ड या स्वतंत्र स्रोत की जानकारी सामने नहीं आई है।
क्राइम ब्रांच के पास पहुंचा मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास से जुड़े अतिक्रमण के मामले को आगे की जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है। दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत भी बढ़ाई गई है। फिलहाल, जांच के दौरान दीपके के कथित बयान की भूमिका और उसकी सत्यता स्पष्ट होना बाकी है। ED और NIA इस मामले में जांच शुरू करेंगी या नहीं, इसे लेकर कोई पुष्ट आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।



