Vedanta Plant Blast Update: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए धमाके में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है. यह विस्फोट मंगलवार दोपहर को सिंघीतराई गांव में स्थित वेदांता लिमिटेड के विद्युत संयंत्र में हुआ. धमाका एक स्टील ट्यूब में हुआ, जो बॉयलर से टरबाइन तक तेज दबाव वाली भाप ले जा रही थी. इस धमाके से कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए.
सीएम विष्णु देव ने किया मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मृतक मजदूर के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है. उन्होंने बिलासपुर संभाग के कमिश्नर को इस घटना की जांच करने का आदेश भी दिया है और भरोसा दिलाया है कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे घायल हुए सभी लोगों को मुफ्त और सही इलाज सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा है कि उनकी देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
वेदांता ग्रुप ने किया मुआवजे का ऐलान
इसके अलावा, वेदांता पावर ने भी, हादसे में मरने वाले हर मजदूर के परिवार को 35 लाख रुपये का मुआवजा देने के साथ-साथ रोजगार में मदद की घोषणा की है. संयंत्र प्रबंधन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि कंपनी घायल हुए हर व्यक्ति को 15 लाख रुपये भी देगी, ठीक होने तक उनकी सैलरी जारी रखेगी और उन्हें काउंसलिंग में भी मदद देगी.
SDM को 30 दिनों में रिपोर्ट सौंपने को कहा
इसके अलावा, जिला प्रशासन ने एक अलग मजिस्ट्रीयल जांच का आदेश दिया है, जबकि कंपनी ने अंदरूनी जांच शुरू कर दी है. सक्ती के कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने मजिस्ट्रीयल जांच के लिए डभरा के अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) को नियुक्त किया है. एसडीएम से 30 दिनों के भीतर एक रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है. इस रिपोर्ट में दुर्घटना के कारणों-जैसे कि यह तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुई या मानवीय भूल के कारण—और संयंत्र में की गई सुरक्षा जांचों के विवरण जैसे अहम पहलुओं को शामिल किया जाएगा.
हादसे पर राजनीति भी तेज
इस बीच, विपक्षी दल कांग्रेस ने संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज करने और घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग की है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने प्रबंधन पर लापरवाही का और सरकार पर दोषियों को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये और घायलों के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की भी मांग की.
वेदांता ने 2022 में प्लांट का किया था अधिग्रहण
बता दें कि सिंघीतराई में 1,200 मेगावाट के कोयला-आधारित थर्मल पावर प्रोजेक्ट (600 मेगावाट की दो यूनिट) का निर्माण, जिसका मूल स्वामित्व एथेना छत्तीसगढ़ पावर लिमिटेड के पास था, 2009 में शुरू हुआ था, लेकिन 2016 से 2022 के बीच यह रुका रहा. वेदांता ने 2022 में इस प्लांट का अधिग्रहण कर लिया, जिसके बाद 600 मेगावाट की एक यूनिट पिछले साल अगस्त में पूरी होकर चालू हो गई, जबकि दूसरी यूनिट का निर्माण अभी भी चल रहा है.
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