Friday, October 9, 2026
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BCCI ने छिपाई रोहित शर्मा की चोट की जानकारी? एक साल में 32 भारतीय क्रिकेटर पहुंचे रिहैब सेंटर, ऋषभ पंत की चोट सबसे गंभीर

Writing भारतीय क्रिकेट टीम की फिटनेस को लेकर बड़ा खुलासा! TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, रोहित शर्मा ने IPL 2026 के बाद हैमस्ट्रिंग की चोट से उबरने के लिए बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब किया था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच 32 भारतीय क्रिकेटरों ने रिहैब कराया। ऋषभ पंत की फ्रैक्चर इंजरी, हार्दिक पांड्या समेत कई खिलाड़ियों की चोटों और BCCI के बढ़े हुए CoE बजट से जुड़ी पूरी जानकारी जानिए।

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने IPL 2026 के बाद हैमस्ट्रिंग की चोट से उबरने के लिए बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैब किया था, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की। वहीं, पिछले एक साल में 32 भारतीय क्रिकेटरों के रिहैब कराने की बात भी सामने आई है।

CoE की रिपोर्ट में सामने आई खिलाड़ियों की चोटों की जानकारी

टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की सालाना रिपोर्ट के हवाले से दावा किया है कि अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच भारतीय टीम के 32 क्रिकेटरों ने CoE में रिहैब किया। इनमें BCCI के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले 20 खिलाड़ी और इंडिया-A व टार्गेटेड कैटेगरी के 12 खिलाड़ी शामिल थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर खिलाड़ियों को मांसपेशियों में खिंचाव और सॉफ्ट-टिश्यू इंजरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

ऋषभ पंत की चोट सबसे गंभीर, मैनचेस्टर टेस्ट में हुआ था फ्रैक्चर

रिपोर्ट में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत की चोट को सबसे गंभीर इम्पैक्ट इंजरी बताया गया है। जुलाई 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट के दौरान क्रिस वोक्स की यॉर्कर गेंद पंत के पैर पर लगी थी, जिससे उनके पैर की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया था।

चोट के बाद पंत को मैदान छोड़ना पड़ा था। हालांकि, उन्होंने बाद में बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक भी लगाया। इसके बाद वह रिकवरी के लिए बेंगलुरु स्थित CoE पहुंचे थे।

हार्दिक पांड्या समेत कई खिलाड़ी बार-बार हुए चोटिल

रिपोर्ट के अनुसार, ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या, तेज गेंदबाज हर्षित राणा और नीतिश कुमार रेड्डी ने पिछले 18 महीनों में कम से कम चार-चार महीने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बिताए।

इनके अलावा जसप्रीत बुमराह, वाशिंगटन सुंदर और प्रसिद्ध कृष्णा भी बार-बार चोट की समस्या से जूझने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे।

रिपोर्ट में विराट कोहली, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव और हर्ष दुबे के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रत्येक खिलाड़ी कितनी बार रिहैब के लिए सेंटर पहुंचा।

IPL 2026 के बाद बढ़े चोट के मामले

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि IPL 2026 के बाद भारतीय क्रिकेटरों के चोटिल होने के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद खेली गई प्रत्येक सीरीज में कम से कम दो खिलाड़ियों के चोटिल होने की बात कही गई है।

CoE की स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन टीम ने अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच महिला और पुरुष क्रिकेटरों को मिलाकर कुल 68 खिलाड़ियों की चोटों का इलाज और प्रबंधन किया।

BCCI ने CoE का बजट 35 करोड़ रुपये बढ़ाया

खिलाड़ियों की फिटनेस और रिहैब सुविधाओं के बीच BCCI ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का अनुमानित बजट भी बढ़ा दिया है।

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए CoE का बजट 127 करोड़ रुपये रखा गया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 92 करोड़ रुपये था। इस तरह बजट में 35 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

इस बजट में खिलाड़ियों के रिहैब के अलावा प्रशासनिक खर्च, प्रशिक्षण कार्यक्रम और मैचों से जुड़ी लागत भी शामिल है।

मेडिकल प्रमुख का पद खाली, टीमों के बीच तालमेल पर सवाल

रिपोर्ट में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और भारतीय टीम की मेडिकल टीम के बीच तालमेल की कमी का भी जिक्र किया गया है।

मार्च 2025 में नितिन पटेल के इस्तीफे के बाद से CoE में स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन प्रमुख का पद खाली बताया गया है। BCCI ने सितंबर 2026 में इस पद पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था।

बताया जा रहा है कि CoE के क्रिकेट प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण दोनों मेडिकल टीमों के बीच समन्वय की भूमिका निभा रहे हैं।

वहीं, भारतीय टीम के स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच एड्रियन ले रू ने जून 2025 में खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट में बदलाव के सुझाव दिए थे, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार CoE अपनी मौजूदा व्यवस्था में बदलाव के लिए तैयार नहीं दिखा।

खिलाड़ियों की फिटनेस और वर्कलोड मैनेजमेंट पर उठे सवाल

लगातार सामने आ रही चोटों और मेडिकल टीमों के बीच कथित तालमेल की कमी ने भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की फिटनेस और वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हालांकि, रोहित शर्मा की चोट की जानकारी छिपाने और मेडिकल टीमों के बीच मतभेद से जुड़े दावे मीडिया रिपोर्ट पर आधारित हैं। इन्हें BCCI की आधिकारिक पुष्टि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

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