जयपुर। राजस्थान में आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल से जुड़े मामले पर हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं और जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। विधायक ने स्पष्ट किया कि यह आरोप सरकार पर नहीं, बल्कि एक व्यक्ति विशेष से जुड़ा है। ऐसे में संबंधित संस्थाओं को निष्पक्ष तरीके से जांच करनी चाहिए।
बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि जांच संवैधानिक प्रावधानों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए। यदि जांच में कोई व्यक्ति गलत पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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संपत्ति खरीदने के तरीके की जांच होनी चाहिए: बालमुकुंद आचार्य
विधायक ने संपत्ति खरीदने के अधिकार और उसके स्रोतों के बीच अंतर बताते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को संपत्ति खरीदने का अधिकार है, लेकिन यह भी जांचा जाना चाहिए कि उसने संपत्ति किस तरीके से हासिल की है। उनके मुताबिक, इस मामले में तथ्यों के आधार पर जांच होनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर उचित कदम उठाया जा सके।
शिखर अग्रवाल से जुड़े संपत्ति मामले में सामने आए आरोपों पर उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
कांग्रेस के कार्यकाल का जिक्र कर क्या बोले विधायक?
अपने बयान में बालमुकुंद आचार्य ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कथित घोटालों और कुछ लोगों को पदोन्नति दिए जाने से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन मामलों की भी जांच की जा रही है।
विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने पेपर लीक मामलों में की गई कार्रवाई और अलवर में साइबर अपराध से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार अपराधियों और घोटालों में शामिल लोगों के खिलाफ कदम उठा रही है।
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‘कोई मगरमच्छ बचा है तो वह भी सामने आएगा’
बालमुकुंद आचार्य ने अपने बयान में ‘मगरमच्छ’ का जिक्र करते हुए कहा कि बड़े स्तर पर अनियमितताओं में शामिल लोगों की पहचान होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई बड़ा आरोपी बचा हुआ है, तो वह भी जांच के दायरे में आएगा।
उनके इस बयान के बाद शिखर अग्रवाल प्रकरण को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज होने की संभावना है। हालांकि, मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, यह जांच एजेंसियों के निष्कर्षों और सरकार के आधिकारिक फैसलों पर निर्भर करेगा। फिलहाल विधायक ने जांच प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा है कि कानून और संविधान के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। अब इस मामले में जांच के नतीजों का इंतजार है।



