जयपुर। दशहरे पर रामलीला मैदान में रावण दहन को लेकर हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कौन राम है और कौन रावण, यह तय करने का अधिकार किसी को नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि रावण विद्वान होने के बावजूद अपनी गलतियों के कारण राक्षस के रूप में पहचाना जाता है।
विधायक ने कांग्रेस पर राम मंदिर, राम सेतु और सनातन धर्म से जुड़े मुद्दों पर विरोध की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए और यह देखना चाहिए कि उसके भीतर कौन-सी विचारधारा काम कर रही है। बालमुकुंद आचार्य का यह बयान रामलीला मैदान में रावण दहन के अवसर पर सामने आया।
यह खबर भी पढ़ें:-शिखर अग्रवाल मामले पर बालमुकुंद आचार्य का बड़ा बयान, बोले- ‘दूध का दूध, पानी का पानी होगा’
‘रावण भी प्रकांड विद्वान था, लेकिन गलतियों के कारण…’
बालमुकुंद आचार्य ने रावण का उदाहरण देते हुए कहा कि वह प्रकांड विद्वान था और भगवान शिव की आराधना भी करता था, लेकिन उसकी गलतियों के कारण आज भी उसका पुतला जलाया जाता है। उन्होंने कहा कि रावण का नाम और स्वरूप गलत आचरण के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। इसके बाद विधायक ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को आत्ममंथन करना चाहिए कि उसके भीतर रावण कौन है और राम के आदर्शों पर कौन चल रहा है।
राम मंदिर के विरोध को लेकर कांग्रेस पर लगाए आरोप
विधायक ने राम मंदिर के उद्घाटन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि जब मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन हुआ, तब कांग्रेस ने काले कपड़े पहनकर विरोध किया था। उन्होंने कांग्रेस पर राम मंदिर और राम भक्तों से जुड़े मुद्दों पर विरोधात्मक रुख अपनाने का आरोप लगाया।
बालमुकुंद आचार्य ने कांग्रेस पर आतंकवादियों के पक्ष में खड़े होने और राम भक्तों पर कार्रवाई का समर्थन करने जैसे आरोप भी लगाए। उन्होंने राम सेतु के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कांग्रेस को राम और सनातन विरोधी बताया। ये सभी आरोप विधायक ने अपने राजनीतिक बयान में लगाए हैं। कांग्रेस की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया सामने आने पर उसका पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।
यह खबर भी पढ़ें:-स्वच्छता के नाम पर गंदगी….घर का कचरा सड़कों पर
‘देश मजबूत हाथों में है’, विकास और सनातन का भी किया जिक्र
अपने बयान के आखिर में बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि देश मजबूत हाथों में है और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रभाव दुनिया में बढ़ रहा है।
विधायक ने कांग्रेस को अपने रुख पर विचार करने की सलाह देते हुए कहा कि पार्टी को इस तरह की राजनीति करने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। रावण दहन के अवसर पर दिए गए इस बयान में बालमुकुंद आचार्य ने धार्मिक प्रतीकों के जरिए कांग्रेस पर राजनीतिक हमला बोला। अब इस बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा।



