मुंबई। छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर की गई एक टिप्पणी ने हाल के दिनों में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया, जिसके केंद्र में बागेश्वर धाम के कथावाचक रहे। बयान सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों तक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। शिवाजी महाराज देशभर में सम्मान और प्रेरणा के प्रतीक माने जाते हैं, ऐसे में उनके बारे में कही गई किसी भी विवादित बात पर लोगों की संवेदनाएं स्वाभाविक रूप से जुड़ जाती हैं।
यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया जब अभिनेता रितेश देशमुख अपनी आने वाली फिल्म राजा शिवाजी को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म के ट्रेलर ने पहले ही दर्शकों के बीच उत्साह बढ़ा दिया था, लेकिन इस बयान के बाद मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया। रितेश देशमुख, जो फिल्म में शिवाजी महाराज की भूमिका निभा रहे हैं, ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए यह स्पष्ट कहा कि इतिहास से छेड़छाड़ या महान व्यक्तित्वों की छवि को गलत तरीके से पेश करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनके बयान के बाद बड़ी संख्या में लोग उनके समर्थन में सामने आए और विवाद और भी तेज हो गया।
बाबा बागेश्वर धाम ने एक कार्यक्रम में कहा था की छत्तरपाटी शिवजी महाराज ने युद्धों से थककर अपना मुकुट उतर दिया था और राज्य की ज़िम्मेदारिया कीसी संत को सौपने की चाह जताई थी। इस कथन को इतिहासकारों और आम लोगों के एक बड़े वर्ग ने तथ्यों के विपरीत बताया। कई सामाजिक संगठनों और इतिहास प्रेमियों ने इसे छत्रपति शिवाजी महाराज के सम्मान के खिलाफ माना और विरोध दर्ज कराया।
जैसे-जैसे विरोध बढ़ता गया, दबाव भी बढ़ता गया। आखिरकार बागेश्वर बाबा को सामने आकर अपनी सफाई देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से समझा गया और उनका उद्देश्य शिवाजी महाराज की आस्था और आध्यात्मिक झुकाव को उजागर करना था, न कि किसी तरह से उनकी छवि को ठेस पहुंचाना। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी बातों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए क्षमा चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने यह संकेत भी दिया कि उनके कथन को कुछ लोगों ने तोड़-मरोड़कर पेश किया।
इस पूरे विवाद का असर फिल्म “राजा शिवाजी” पर भी देखने को मिला है। जहां एक ओर विवाद ने आलोचना को जन्म दिया, वहीं दूसरी ओर इसने फिल्म को लेकर जिज्ञासा भी बढ़ा दी है। दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर चर्चा और उत्सुकता दोनों में इजाफा हुआ है। यह फिल्म 1 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है और इसमें कई बड़े कलाकार शामिल हैं।
फिल्म में रितेश देशमुख के साथ जेनेलिया डिसूजा, अभिषेक बच्चन, संजय दत्त, विद्या बालन, भाग्यश्री और बोमन ईरानी जैसे नाम भी जुड़े हुए हैं, जिससे इसकी स्टार कास्ट और भी मजबूत बनती है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह फिल्म दर्शकों की अपेक्षाओं पर कितनी खरी उतरती है।
अक्सर देखा गया है कि विवाद किसी फिल्म के प्रचार में भी अहम भूमिका निभा देते हैं, लेकिन इस मामले में संवेदनशीलता का पहलू भी उतना ही महत्वपूर्ण है। रितेश देशमुख ने साफ कर दिया है कि उनके लिए यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि इतिहास और सम्मान से जुड़ा विषय है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि यह विवाद फिल्म की सफलता पर क्या प्रभाव डालता है, लेकिन फिलहाल यह मुद्दा चर्चा के केंद्र में बना हुआ है।



