Friday, May 15, 2026
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पेट्रोल-डीजल महंगा होते ही केंद्र पर बरसे अशोक गहलोत, बोले- भाजपा सरकार गरीब और मध्यम वर्ग की जेब पर डाल रही बोझ

राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां गरीब और मध्यम वर्ग विरोधी हैं। उन्होंने दावा किया कि Rahul Gandhi ने पहले ही ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी की चेतावनी दी थी। गहलोत ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले की व्यापक जांच की मांग करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग कर परीक्षाओं की जिम्मेदारी राज्यों को सौंपने की बात कही।

Ashok Gehlot Latest News : जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। शुक्रवार को जयपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए गहलोत ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियां गरीब और मध्यम वर्ग विरोधी हैं तथा महंगाई का बोझ लगातार आम जनता पर डाला जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले ही संकेत दे दिए थे कि चुनाव खत्म होते ही ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की जाएगी, और वहीं हुआ।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में सांकेतिक रूप से लोगों से ईंधन बचाने के तरीके अपनाने की अपील की थी, उससे भी लोग समझ गए थे कि अब कीमतें बढ़ने वाली हैं और आखिर बढ़ ही गईं। गहलोत ने कहा, आखिरकार, बोझ जनता पर ही डाला जा रहा है। उन्होंने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के कार्यकाल के दौरान कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों का जिक्र करते हुए कहा था कि जब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में कच्चे तेल के दाम 115-120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए तब भी घरेलू ईंधन की कीमतें उतनी ज्यादा नहीं थीं, जितनी अब हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, बाद में मौजूदा भाजपा सरकार के कार्यकाल में कच्चे तेल की कीमतें गिरकर लगभग 60 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं लेकिन उसके बाद में भी उन्होंने कीमतें कम नहीं की। वहीं कीमतें बनी रहीं। गहलोत ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अतिरिक्त और विशेष उत्पाद शुल्क लगाकर उत्पाद शुल्क संग्रह में राज्यों का हिस्सा कम कर दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-स्नातक (यूजी) का प्रश्न पत्र ‘लीक’ होने के मामले पर आरोप लगाया कि 2024, 2025 और 2026 में भी परीक्षा में अनियमितताएं हुई थीं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया, इन तीनों साल किसी न किसी रूप में प्रश्न पत्र लीक हुए। अब ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि जो लोग पहले इसमें शामिल थे, वे इस साल के लीक से भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार को अच्छे शासन (गुड गवर्नेंस) से कोई मतलब नहीं है बल्कि उसका ध्यान तो धर्म के नाम पर राजनीतिक करने पर है। गहलोत ने कहा, “वे (भाजपा गठबंधन) चुनाव जीतने के लिए हिंदुओं की बात करते रहते हैं, हिंदू लोग तकलीफ में नहीं आते क्या जब महंगाई बढ़ती है?” उन्होंने कथित प्रश्न पत्र लीक की व्यापक जांच की मांग करते हुए कहा कि 2024 और 2025 के मामले भी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिए जाने चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग कर देना चाहिए और परीक्षा कराने का अधिकार वापस राज्यों को दे देना चाहिए।

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Mukesh Kumar
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