नई दिल्ली। सितंबर का महीना खत्म होने को है, लेकिन देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कहीं भारी बारिश और बाढ़ ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, तो कहीं बारिश के साथ ओले और घना कोहरा देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में इंद्रावती नदी का जलस्तर 53 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जबकि राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के असर से कई जिलों में बारिश के साथ ओले गिरे। वहीं उत्तर प्रदेश में सितंबर के दौरान जनवरी जैसा घना कोहरा देखने को मिला।
छत्तीसगढ़ में इंद्रावती का 53 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में हुई भारी बारिश के बाद इंद्रावती नदी का जलस्तर 12.39 मीटर तक पहुंच गया। यह पिछले 53 साल का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पहले 9 जुलाई 1973 को नदी का जलस्तर 12.18 मीटर दर्ज किया गया था। इस तरह इस बार पुराना रिकॉर्ड 21 सेंटीमीटर टूट गया।
जलस्तर बढ़ने के बाद जगदलपुर के कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया। इसके बाद प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। सोमवार को नाव और हेलिकॉप्टर की मदद से 833 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिले में 65 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां करीब 8,894 लोग रह रहे हैं।
राजस्थान में बारिश के साथ गिरे ओले
राजस्थान में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिला। जयपुर, बीकानेर और चूरू समेत कई इलाकों में बारिश के साथ ओले गिरे। मौसम में बदलाव के बाद रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई और शेखावाटी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया।
हालांकि मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 से 3 दिनों में राजस्थान के कुछ हिस्सों में तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।
यूपी में सितंबर में छाया जनवरी जैसा कोहरा
उत्तर प्रदेश में भी मौसम का अलग रंग देखने को मिला। अमेठी, रामपुर और बदायूं में मंगलवार सुबह घनी धुंध छाई रही। हालात ऐसे रहे कि कई जगहों पर 25 मीटर की दूरी तक देखना मुश्किल हो गया। कोहरे के कारण लोगों को सुबह हल्की ठंड का भी एहसास हुआ।
वहीं उत्तर प्रदेश से मानसून की विदाई भी शुरू हो चुकी है। मुजफ्फरनगर और अलीगढ़ समेत पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों से मानसून लौट चुका है। इसके चलते प्रदेश में भारी बारिश का दौर फिलहाल कमजोर पड़ा है।



