जयपुर। Vagad Political War: राजस्थान के वागड़ अंचल की राजनीति में इन दिनों बयानों के तीर खुलकर चल रहे हैं। बांसवाड़ा-डूंगरपुर सीट से सांसद राजकुमार रोत (Rajkumar Roat) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच की सियासी जंग अब बेहद आक्रामक मोड़ पर पहुंच चुकी है। दोनों ही तरफ से आरोपों और पलटवार का दौर जारी है, जिसने क्षेत्र का सियासी तापमान बढ़ा दिया है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या वाकई वागड़ में राजनीतिक जमीन खिसक रही है, या फिर आगामी चुनावों से पहले नैरेटिव सेट करने की एक नई लड़ाई शुरू हो चुकी है?
सांसद राजकुमार रोत पर सीधे निशाना: ‘समाधान के बजाय सिर्फ राजनीति’
दरअसल, भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के फायरब्रांड नेता और सांसद राजकुमार रोत के एक बयान के बाद भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है। भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक पटेल ने सीधे सांसद रोत पर हमला बोलते हुए कहा कि राजकुमार रोत दो बार कांग्रेस के समर्थन से विधायक रहे और अब क्षेत्र के सांसद हैं। लेकिन बीएपी के सांसद और विधायक धरातल पर जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय सिर्फ और सिर्फ राजनीति चमकाने में लगे हैं। अशोक पटेल के इस तीखे बयान के सामने आते ही डूंगरपुर और बांसवाड़ा के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
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मुख्यमंत्री की चौपाल को लेकर बड़ा दावा: ‘BAP नेता भी पहुंचे CM के पास’
भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक पटेल ने मुख्यमंत्री के हालिया वागड़ दौरे को लेकर कई बड़े दावे किए हैं। उन्होंने कहा:
- मुख्यमंत्री की चौपाल के दौरान भारी संख्या में स्थानीय लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाईं।
- सिर्फ आम जनता ही नहीं, बल्कि BAP (बीएपी) के भी कई नेता छिपते-छिपाते मुख्यमंत्री से मिले और क्षेत्र की समस्याओं को उनके सामने रखा।
- मुख्यमंत्री ने भी संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर ही अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दे दिए।
अब यहां बड़ा सवाल यह उठता है कि जब जनता के काम मौके पर ही हल हो रहे हैं, तो फिर यह सियासी घमासान क्यों मचा हुआ है?
‘जनाधार घटने के डर से बौखलाई बीएपी’
भाजपा का सीधा आरोप है कि चौरासी विधानसभा क्षेत्र और पूरे वागड़ अंचल में अब बीएपी (BAP) का जनाधार तेजी से घट रहा है। भाजपा नेताओं के मुताबिक, इसी सियासी डर और बौखलाहट की वजह से बीएपी के सांसद राजकुमार रोत मुख्यमंत्री की जनसुनवाई और चौपाल को ‘ड्रामा’ करार दे रहे हैं। वीडियो और बयान सबके सामने हैं, लेकिन जनता के बीच अब कई सवाल तैर रहे हैं कि क्या सच में वागड़ की हवा बदल रही है?
BJP का ‘मिशन वागड़’: अब संगठन को मजबूत करने की बड़ी तैयारी
सियासी बयानबाजी के बीच भारतीय जनता पार्टी अब पूरी तरह से संगठनात्मक मोड में आ चुकी है। वागड़ में अपनी पकड़ को और मजबूत करने के लिए भाजपा आगामी दिनों में बड़े कार्यक्रम करने जा रही है:
- 26 मई: पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी की गरिमामयी मौजूदगी में एक विशाल किसान कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
- 27 और 28 मई: दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा, जिसमें जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, महामंत्री और विभिन्न मोर्चों के प्रमुख पदाधिकारी शामिल होकर आगामी रणनीति तैयार करेंगे।
भाजपा के इन कदमों से साफ है कि यह लड़ाई सिर्फ बयानों तक सीमित नहीं रहने वाली है, बल्कि जमीनी स्तर पर संगठन को अभेद्य बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
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क्या मुद्दों पर होगा फैसला या बयानों पर चलेगी राजनीति?
वागड़ की राजनीति में छिड़ी यह जंग आने वाले समय के लिए एक बड़ा राजनीतिक संकेत है। एक तरफ राजकुमार रोत अपनी आक्रामक शैली से आदिवासियों के बीच पकड़ बनाए रखने की कोशिश में हैं, तो दूसरी तरफ भाजपा सरकार के कामों और संगठन के दम पर इस किले को ढहाने की तैयारी में है।



