जयपुर। अलवर के मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र स्थित सरसों तेल पैकिंग फैक्ट्री में शनिवार सुबह भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि फैक्ट्री की दीवार गिर गई और बड़ी मात्रा में सरसों का तेल बहकर सड़क पर आ गया। फैक्ट्री में करीब 700 टन तेल का स्टॉक बताया गया है। पांच से अधिक जिलों से पहुंची करीब 25 दमकलों ने लगातार कई घंटे ऑपरेशन चलाकर आग पर काबू पाया। आग में फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा और सामान जलकर नष्ट हो गया। आसपास की फैक्ट्रियों को भी एहतियातन खाली कराया गया।
अलवर की तेल फैक्ट्री में सुबह लगी भीषण आग
अलवर शहर के पास मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार सुबह करीब 6 बजे सरसों तेल पैकिंग फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और फैक्ट्री के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार काफी दूर से दिखाई दे रहा था। फैक्ट्री में तेल और पैकिंग सामग्री बड़ी मात्रा में होने के कारण आग तेजी से फैल गई।
700 टन सरसों तेल का स्टॉक, सड़क पर बहा तेल
फैक्ट्री मालिक पवन चौधरी के मुताबिक आग लगने के समय फैक्ट्री में करीब 700 टन सरसों तेल का स्टॉक मौजूद था। आग के कारण तेल बहकर फैक्ट्री से बाहर सड़क तक पहुंच गया, जिससे सड़क पर दूर तक पीला तेल नजर आया। फैक्ट्री की दीवार भी आग के दौरान गिर गई, जबकि टीन शेड उखड़ गए और अंदर रखा सामान जलकर राख हो गया।
25 दमकलों ने 150 चक्कर लगाए
आग पर काबू पाने के लिए अलवर सहित आसपास के जिलों से दमकल की गाड़ियां मौके पर बुलाई गईं। डीग, भरतपुर, महुआ, दौसा, भिवाड़ी, खैरथल और अलवर से करीब 20 से 25 दमकल वाहनों ने आग बुझाने के अभियान में हिस्सा लिया। बताया गया कि दमकलों ने लगातार कई घंटे तक पानी की बौछार की और करीब 150 चक्कर लगाए। लगभग आठ घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर करीब 2 बजे आग पर काबू पाया गया।
15 अगस्त की छुट्टी के कारण फैक्ट्री में कम लोग थे
स्वतंत्रता दिवस के कारण फैक्ट्री में छुट्टी थी। घटना के समय फैक्ट्री में केवल गार्ड मौजूद था। गार्ड ने सबसे पहले फैक्ट्री के अंदर से धुआं और आग की लपटें निकलते देखीं और इसकी सूचना फैक्ट्री मालिक को दी। इसके बाद दमकल विभाग को सूचना दी गई और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।
गत्ते में चिंगारी से आग लगने की आशंका
फायरमैन अमरचंद के अनुसार शुरुआती तौर पर आशंका है कि किसी गत्ते में चिंगारी लगने के बाद आग शुरू हुई होगी। इसके बाद आग धीरे-धीरे बढ़ती गई और तेल तथा पैकिंग सामग्री के कारण कुछ ही समय में पूरी फैक्ट्री में फैल गई। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
आसपास की फैक्ट्रियां कराई गईं खाली
आग की भयावहता को देखते हुए आसपास स्थित फैक्ट्रियों को भी एहतियातन खाली कराया गया। प्रशासन और दमकल विभाग ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि आग के फैलने की स्थिति में किसी तरह की जनहानि न हो। घटना में फिलहाल किसी जनहानि की जानकारी सामने नहीं आई है।
वन मंत्री संजय शर्मा भी पहुंचे मौके पर
फैक्ट्री में आग की सूचना मिलने के बाद राजस्थान के वन मंत्री संजय शर्मा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने फैक्ट्री मालिक पवन चौधरी से घटना की जानकारी ली और आग बुझाने के अभियान का जायजा लिया।
करोड़ों के नुकसान का दावा
फैक्ट्री मालिक के मुताबिक आग से फैक्ट्री की बिल्डिंग, टीन शेड, मशीनरी और अन्य सामान को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने नुकसान करोड़ों रुपये में होने की आशंका जताई है। फिलहाल दमकल विभाग की टीमें मौके पर मौजूद रहीं और आग के दोबारा भड़कने की संभावना को देखते हुए निगरानी की गई।



