Friday, September 25, 2026
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NIA कोर्ट का बड़ा फैसला: 1 अमेरिकी और 6 यूक्रेनी नागरिकों को विदेश जाने की अनुमति, म्यांमार में ड्रोन ट्रेनिंग का था आरोप

नई दिल्ली। म्यांमार के सशस्त्र समूहों को हथियार और ड्रोन ऑपरेशन की ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार एक अमेरिकी नागरिक और छह यूक्रेनी नागरिकों को अदालत ने अपने देश जाने की अनुमति दी है। इन सातों विदेशी नागरिकों को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने मार्च 2026 में गिरफ्तार किया था। अदालत ने विदेश जाने की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी है। आरोपियों को जमानती बॉन्ड भरना होगा और करीब एक महीने बाद भारत लौटकर अदालत को इसकी जानकारी देनी होगी।

परिवार से मिलने के लिए विदेश जाने की अनुमति

अदालत में NIA ने बताया कि मामले की जांच जारी है, लेकिन फिलहाल जांच के लिए आरोपियों की तत्काल भारत में मौजूदगी आवश्यक नहीं है। इसके बाद अदालत ने उन्हें अपने देश जाने की अनुमति दी। आरोपियों को अदालत के सामने आवश्यक अंडरटेकिंग देने और निर्धारित शर्तों का पालन करने के लिए कहा गया है। यह अनुमति मामले में आरोपों से बरी किए जाने के बराबर नहीं है। जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।

सात विदेशी नागरिकों की हुई थी गिरफ्तारी

NIA ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक समेत छह यूक्रेनी नागरिकों को मार्च 2026 में गिरफ्तार किया था। रिपोर्टों के अनुसार यूक्रेनी नागरिकों में हुर्बा पेट्रो, स्लिवियाक तारास, इवान सुखमानोव्स्की, स्टेफानकिव मारियन, होंचारुक मैक्सिम और कामिन्स्की विक्टर के नाम शामिल हैं। NIA का आरोप है कि ये लोग टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे और बाद में म्यांमार में सशस्त्र समूहों से जुड़ी गतिविधियों में शामिल हुए।

म्यांमार में ड्रोन और हथियारों की ट्रेनिंग का आरोप

जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी म्यांमार के जातीय सशस्त्र समूहों को हथियार चलाने और ड्रोन ऑपरेशन से संबंधित ट्रेनिंग देने से जुड़े थे। NIA के अनुसार, आरोपियों के भारत आने और म्यांमार जाने के रास्ते की भी जांच की गई। एजेंसी का दावा है कि वे गुवाहाटी पहुंचे और इसके बाद मिजोरम के रास्ते कथित तौर पर अवैध रूप से म्यांमार में प्रवेश किया। इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की न्यायिक प्रक्रिया में होगा।

रूसी इनपुट के बाद कार्रवाई का दावा

NIA ने सातों विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी रूसी इनपुट के आधार पर किए जाने की बात कही थी। रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपियों को कोलकाता, लखनऊ और दिल्ली समेत अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी को आशंका थी कि ये लोग भारत से मलेशिया जाने की कोशिश कर सकते हैं।

कौन है मैथ्यू एरॉन वैनडाइक?

अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक मैरीलैंड के बाल्टीमोर का रहने वाला बताया जाता है। उपलब्ध रिपोर्टों में उसे पूर्व लड़ाका, डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर और सुरक्षा विश्लेषक के रूप में वर्णित किया गया है। वैनडाइक का नाम 2011 में लीबिया के गृहयुद्ध के दौरान सामने आया था। इसके बाद उसके इराक, सीरिया और यूक्रेन से जुड़े होने की रिपोर्टें भी सामने आईं। वह Sons of Liberty International (SOLI) नाम की संस्था से भी जुड़ा रहा है। NIA का आरोप है कि म्यांमार से जुड़ी गतिविधियों में उसकी भूमिका भारत की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण थी। हालांकि, अदालत में आरोप साबित होना अभी बाकी है।

टूरिस्ट वीजा पर भारत आने का दावा

NIA के अनुसार, आरोपी भारत में टूरिस्ट वीजा पर आए थे। एजेंसी ने उनके भारत आने और इसके बाद म्यांमार पहुंचने की गतिविधियों की जांच की। जांच में ड्रोन, डिजिटल डिवाइस और अन्य सामग्री भी शामिल है, जिसकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

UAPA के तहत जांच का मामला

NIA ने मामले में UAPA की धारा 18 समेत BNS की कुछ धाराओं के तहत कार्रवाई की थी। धारा 18 आतंकवादी गतिविधि की साजिश या प्रयास आदि से संबंधित है। एजेंसी के अनुसार, UAPA से जुड़ी जांच का एक हिस्सा पूरा हो चुका है, लेकिन ड्रोन और बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरणों की जांच अभी जारी थी। NIA ने अदालत में यह भी बताया कि फिलहाल चार्जशीट में UAPA के आरोप शामिल नहीं हैं और इससे जुड़े तथ्यों की जांच के लिए और समय की आवश्यकता है।

अमेरिकी नागरिक पर लगे कुछ आरोप हटाने की अर्जी मंजूर

अदालत ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक के खिलाफ इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट से जुड़े अपराधों को हटाने की अर्जी भी मंजूर की है। हालांकि, मामले की बाकी जांच और अदालत में चल रही कार्यवाही अलग से जारी रहेगी।

कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल

मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से सवाल किए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि अमेरिकी नागरिक को राहत अमेरिकी दबाव के कारण मिली और सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया। कांग्रेस ने यह भी पूछा कि इन विदेशी नागरिकों को भारत का वीजा कैसे मिला और वे भारत के रास्ते म्यांमार तक कैसे पहुंचे। ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।

जांच अभी जारी

NIA ने अदालत को बताया है कि मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी आरोपियों से आवश्यक अंडरटेकिंग लेने और अदालत द्वारा तय शर्तों के अनुसार उनकी वापसी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया में रहेगी। अदालत से विदेश जाने की अनुमति मिलने का अर्थ यह नहीं है कि आरोपी मामले में दोषमुक्त हो गए हैं। आरोपों की पुष्टि या खारिज होने का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।

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