जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर का नाम एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। जयपुर से पारिवारिक रिश्ता रखने वाली भारतीय मूल की पिया डांडिया ने अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में शानदार जीत दर्ज की है। डेमोक्रेटिक पार्टी की 39 वर्षीय पिया ने फ्लोरिडा के पुनर्गठित 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (US House of Representatives) का चुनाव जीत लिया है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार और मरीन वेटरन केसी असकर को हराया। पिया को 51.9 प्रतिशत वोट मिले, जबकि असकर को 48.1 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। इस जीत के साथ पिया फ्लोरिडा से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पहुंचने वाली पहली दक्षिण एशियाई सांसद बनी हैं। उनकी इस उपलब्धि से अमेरिका में भारतीय समुदाय के साथ जयपुर में भी खुशी का माहौल है।
जयपुर से जुड़ी हैं पिया डांडिया की जड़ें
पिया डांडिया का जन्म और पालन-पोषण अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित पाम बीच काउंटी में हुआ, लेकिन उनका परिवार मूल रूप से जयपुर का रहने वाला है। उनके माता-पिता 1980 के दशक में जयपुर छोड़कर अमेरिका के फ्लोरिडा में बस गए थे। इसके बावजूद परिवार का राजस्थान और जयपुर से जुड़ाव बना रहा। पिया की उपलब्धि को जयपुर के लिए खास माना जा रहा है, क्योंकि उनकी पारिवारिक विरासत गुलाबी नगरी से जुड़ी हुई है।
पिता ने SMS मेडिकल कॉलेज से की MBBS की पढ़ाई
पिया के पिता डॉ. रोहित डांडिया जयपुर के प्रतिष्ठित चिकित्सकों में शामिल रहे हैं। उन्होंने साल 1971 बैच में सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद वे आगे की चिकित्सा शिक्षा और पेशेवर कार्य के लिए अमेरिका चले गए। परिवार की शैक्षणिक और सामाजिक पृष्ठभूमि ने पिया के जीवन को भी प्रभावित किया।
मां भारती डांडिया का शिक्षा और फैशन से नाता
पिया की मां भारती डांडिया, जिन्हें बबली के नाम से भी जाना जाता है, का जयपुर की शिक्षा और संस्कृति से खास रिश्ता रहा है। उन्होंने कनोड़िया कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की और राजस्थान यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी साहित्य में एमए किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में टॉप किया था। जयपुर में रहते हुए उन्होंने पारंपरिक ब्लॉक प्रिंटिंग के लिए प्रसिद्ध ब्रांड अनोखी में फैशन डिजाइनर के रूप में काम किया। अमेरिका पहुंचने के बाद उन्होंने 40 वर्ष की उम्र में मोंटेसरी शिक्षा पद्धति का अध्ययन किया और फ्लोरिडा में एक मोंटेसरी स्कूल की स्थापना की।
SMS मेडिकल कॉलेज को परिवार ने दिया बड़ा योगदान
डांडिया परिवार का जयपुर के चिकित्सा और खेल जगत में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के पूर्व उप-प्राचार्य और प्रसिद्ध फार्माकोलॉजिस्ट स्वर्गीय प्रोफेसर डॉ. पी.सी. डांडिया के सम्मान में परिवार ने कॉलेज परिसर में ‘डॉ. पी.सी. डांडिया स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स’ का निर्माण करवाया। इसके लिए परिवार की ओर से करीब आधा मिलियन डॉलर यानी करोड़ों रुपये का योगदान दिया गया। यह पहल परिवार के जयपुर से सामाजिक और पारिवारिक जुड़ाव को भी दर्शाती है।
बचपन में रिश्तेदारों के साथ जयपुर में बिताया समय
पिया डांडिया का जयपुर से रिश्ता केवल पारिवारिक विरासत तक सीमित नहीं है। उन्होंने अपने साक्षात्कारों में बताया है कि बचपन में उनके माता-पिता उन्हें जयपुर भेजते थे, जहां वह अपने चचेरे भाइयों और अन्य रिश्तेदारों के साथ समय बिताती थीं। इस दौरान उन्हें राजस्थान की संस्कृति, पारिवारिक परंपराओं और यहां के सामाजिक जीवन को करीब से समझने का मौका मिला। जयपुर की यादें उनके जीवन का अहम हिस्सा रही हैं।
हार्वर्ड से पढ़ाई, व्हाइट हाउस और एप्पल में किया काम
पिया डांडिया ने प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से गवर्नमेंट विषय में स्नातक की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने ‘टीच फॉर अमेरिका’ में शिक्षिका के रूप में काम किया। इसके बाद न्यूयॉर्क के हार्लेम इलाके में हाई स्कूल की फाउंडिंग प्रिंसिपल बनीं। वह व्हाइट हाउस फेलो के रूप में भी सेवाएं दे चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने दुनिया की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों में शामिल एप्पल में पब्लिक सेक्टर से जुड़ी जिम्मेदारी संभाली। शिक्षा, प्रशासन और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करने का उनका अनुभव राजनीतिक सफर में भी महत्वपूर्ण रहा।
इन मुद्दों के दम पर हासिल की चुनावी जीत
पिया डांडिया ने अपने चुनाव प्रचार में आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी। उन्होंने मध्यम वर्ग के लिए जीवनयापन को सस्ता बनाने, सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था में सुधार, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और सोशल सिक्योरिटी की सुरक्षा जैसे विषयों को उठाया। फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में उनका मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी असकर से था। यह मुकाबला काफी नजदीकी रहा। अंततः पिया ने 51.9 प्रतिशत वोट हासिल कर जीत दर्ज की।



