जापान। एशियन गेम्स में शुक्रवार को भारत ने शूटिंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना दूसरा गोल्ड मेडल जीत लिया। सुरुचि और कमलजीत की भारतीय जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही भारत के खाते में अब 2 गोल्ड समेत कुल 21 मेडल हो गए हैं।हालांकि, बैडमिंटन में भारत को बड़ा झटका लगा। सात्विक साईराज रंकी रेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी मेंस डबल्स के पहले राउंड में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई। पिछले एशियन गेम्स में भारत को गोल्ड दिलाने वाली इस जोड़ी से इस बार भी पदक की उम्मीद थी।
शूटिंग में 2 मिनट के अंदर भारत को 2 मेडल
एशियन गेम्स के छठे दिन भारतीय शूटर्स ने महज दो मिनट के अंदर भारत की झोली में दो मेडल डाले। सुबह करीब 9 बजे सुरुचि और कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड जीता। इसके ठीक दो मिनट बाद भारत ने 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन टीम इवेंट में सिल्वर मेडल अपने नाम किया शूटिंग में भारत अब तक कुल 10 मेडल जीत चुका है। इनमें एक गोल्ड के अलावा 5 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।
सुरुचि- कमलजीत ने साउथ कोरिया को पीछे छोड़ा
10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम के फाइनल में भारतीय जोड़ी ने कुल 484.6 अंक हासिल किए। भारत ने दूसरे स्थान पर रही साउथ कोरिया की टीम को 6.6 अंकों के अंतर से पीछे छोड़ा।साउथ कोरिया ने 478.0 अंक के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि ईरान 415.8 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
50 मीटर राइफल 3 पोजिशन में भारत को सिल्वर
50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम इवेंट में भी भारत ने पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम ने कुल 1762 अंक हासिल कर दूसरा स्थान हासिल किया।चीन ने 1766 अंकों के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि साउथ कोरिया 1751 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
कमलजीत ने चोट के बाद बदला खेल
गोल्ड मेडल जीतने वाले कमलजीत हरियाणा के रेवाड़ी जिले के सुलखा गांव के रहने वाले हैं। वह शुरुआत में एथलेटिक्स में हिस्सा लेते थे, लेकिन 2019 में चोट लगने के बाद उन्हें यह खेल छोड़ना पड़ा।इसके बाद उन्होंने शूटिंग में करियर बनाने का फैसला किया। संघर्ष के दौरान कई बार उनके मन में शूटिंग छोड़ने का विचार भी आया, लेकिन माता-पिता ने उनका लगातार हौसला बढ़ाया। करीब 2-3 साल की मेहनत के बाद उन्होंने शूटिंग में अपनी पहचान बनानी शुरू की।
परिवार चाहता था पहलवान बनें, सुरुचि बनीं शूटर
गोल्ड मेडल जीतने वाली सुरुचि इंदर सिंह हरियाणा के झज्जर की रहने वाली हैं। 20 वर्षीय सुरुचि ने महज 13 साल की उम्र में शूटिंग शुरू की थी।वह भिवानी की गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग एकेडमी में कोच सुरेश सिंह से ट्रेनिंग लेती हैं। खास बात यह है कि उनका परिवार उन्हें पहलवान बनाना चाहता था, लेकिन सुरुचि ने शूटिंग को अपना करियर चुना और अब एशियन गेम्स में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है।
कबड्डी में भी भारत की उम्मीदें कायम
शूटिंग में दो मेडल मिलने के साथ भारत के मेडल टैली में भी सुधार हुआ है। भारत अब 2 गोल्ड समेत कुल 21 मेडल के साथ मेडल टैली में 12वें स्थान पर है।वहीं, भारत की पुरुष और महिला कबड्डी टीमें भी फाइनल में पहुंच चुकी हैं। ऐसे में आने वाले मुकाबलों में भारत के मेडल की संख्या बढ़ने की उम्मीद बनी हुई है।



