नई दिल्ली। ओमान के तट के पास काबिलियाह द्वीप के करीब तेल टैंकर कैरोलिन बेजेंगी के फंसने के बाद समुद्र में कच्चे तेल का रिसाव शुरू हुआ। शुरुआत में तेल का फैलाव सीमित था, लेकिन कुछ दिनों में इसका दायरा तेजी से बढ़ गया। सैटेलाइट तस्वीरों में समुद्र की सतह पर तेल की बड़ी परत दिखाई दी है। रिपोर्टों के अनुसार, तेल अब ओमान के तट के कुछ हिस्सों तक भी पहुंचने लगा है।
2,000 वर्ग किलोमीटर तक पहुंचा तेल का फैलाव
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक 7 अगस्त तक करीब 800 वर्ग किलोमीटर समुद्री क्षेत्र तेल से प्रभावित था। 14 अगस्त तक यह क्षेत्र बढ़कर करीब 2,000 वर्ग किलोमीटर हो गया। यानी महज एक सप्ताह के भीतर तेल से प्रभावित समुद्री क्षेत्र में काफी विस्तार हुआ है। यदि रिसाव जारी रहा तो प्रभावित क्षेत्र और बढ़ने की आशंका है।
टैंकर में था 8 से 10 लाख बैरल रूसी कच्चा तेल
रिपोर्ट के अनुसार टैंकर में करीब 8 लाख से 10 लाख बैरल कच्चा तेल मौजूद था। यह तेल रूस के नोवोरोस्सिस्क बंदरगाह से लाया जा रहा था। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि जहाज उन टैंकरों में शामिल था जिन पर कुछ देशों की ओर से प्रतिबंध लगाए गए हैं। हालांकि, इस पहलू से जुड़ी जानकारी को आधिकारिक स्रोतों से अलग-अलग स्तर पर सत्यापित किए जाने की जरूरत है।
हंपबैक व्हेल और समुद्री कछुओं पर खतरा
तेल रिसाव जिस समुद्री क्षेत्र में हुआ है, वह कई समुद्री जीवों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां हंपबैक व्हेल, समुद्री कछुए और समुद्री पक्षियों समेत कई प्रजातियां पाई जाती हैं। समुद्र की सतह पर फैला कच्चा तेल समुद्री जीवों के शरीर और उनके भोजन के स्रोतों को प्रभावित कर सकता है। तेल यदि तट तक पहुंचता है तो समुद्र तट, रेत और तटीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी नुकसान हो सकता है।
40 किलोमीटर लंबे तटीय इलाके पर असर का खतरा
रिपोर्टों के अनुसार करीब 40 किलोमीटर लंबे तटीय क्षेत्र पर तेल रिसाव का असर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा मसिराह द्वीप तक भी तेल पहुंचने का खतरा बताया गया है। तटीय इलाकों तक तेल पहुंचने पर इसकी सफाई और पर्यावरणीय नुकसान को नियंत्रित करना और चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
मॉनसून और समुद्री धाराएं बढ़ा सकती हैं परेशानी
ओमान के आसपास इस समय मॉनसून का मौसम है। तेज हवाएं और समुद्री धाराएं तेल को दूसरे इलाकों की ओर ले जा सकती हैं। ऐसे में तेल का फैलाव केवल मौजूदा क्षेत्र तक सीमित रहने की बजाय और बढ़ सकता है। यही वजह है कि बचाव दल के सामने सबसे बड़ी चुनौती टैंकर को सुरक्षित करना और समुद्र में और तेल के रिसाव को रोकना है।
तेल की सफाई और टैंकर को सुरक्षित करने की कोशिश
बचाव दल समुद्र में फैले तेल को नियंत्रित करने और उसकी सफाई के प्रयास कर रहे हैं। साथ ही टैंकर से और कच्चा तेल समुद्र में न निकले, इसके लिए भी कार्रवाई की जा रही है। हालांकि समुद्र की खराब परिस्थितियों और मौसम के कारण राहत एवं सफाई अभियान मुश्किल बना हुआ है। फिलहाल प्राथमिकता तेल रिसाव को रोकने और ओमान के समुद्री एवं तटीय क्षेत्रों को आगे होने वाले नुकसान से बचाने की है।



