नई दिल्ली। 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान प्रधानमंत्री के पीछे सैन्य अनुशासन के साथ खड़ी एक महिला अधिकारी ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। यह अधिकारी कैप्टन रितिका खरेता थीं। ध्वजारोहण से जुड़ी औपचारिक सैन्य प्रक्रिया में उनकी जिम्मेदारी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के इस ऐतिहासिक दृश्य को खास बना दिया।
2025 गणतंत्र दिवस पर भी बटोरी थी सुर्खियां
कैप्टन रितिका खरेता को जनवरी 2025 में आयोजित 76वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान राष्ट्रीय पहचान मिली थी। वह कर्तव्य पथ पर कोर ऑफ सिग्नल्स की 146 पुरुष जवानों वाली मार्चिंग टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली अकेली महिला कमांडर थीं। जबलपुर स्थित सिग्नल ट्रेनिंग सेंटर में चयन प्रक्रिया के बाद उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना गया था। 146 जवानों के सामने नेतृत्व करते हुए उनकी अनुशासित चाल और आत्मविश्वास ने दर्शकों का ध्यान खींचा था।
दिल्ली पुलिस अधिकारी और शिक्षिका की बेटी हैं रितिका
रिपोर्टों के अनुसार कैप्टन रितिका खरेता के पिता दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर रहे हैं, जबकि उनकी मां शिक्षिका हैं। उन्होंने दिल्ली के एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, पुष्प विहार से पढ़ाई की थी। सैन्य सेवा में पहुंचकर रितिका ने राष्ट्रीय स्तर के कई महत्वपूर्ण समारोहों में अपनी जिम्मेदारी निभाई है।
महिला सैन्य अधिकारियों की बढ़ती भूमिका
कैप्टन रितिका खरेता की मौजूदगी भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाती है। सेना में महिलाएं अब केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नेतृत्व, प्रशिक्षण और राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण सैन्य आयोजनों में भी अहम जिम्मेदारियां निभा रही हैं। 2025 में गणतंत्र दिवस परेड में 146 जवानों की टुकड़ी का नेतृत्व और 2026 में स्वतंत्रता दिवस के लाल किले समारोह में महत्वपूर्ण सैन्य प्रोटोकॉल की जिम्मेदारी रितिका के सैन्य करियर की उल्लेखनीय उपलब्धियों में शामिल है।
लाल किले पर ध्वजारोहण में क्या होता है प्रोटोकॉल?
लाल किले पर प्रधानमंत्री द्वारा तिरंगा फहराने की प्रक्रिया केवल ध्वजारोहण तक सीमित नहीं होती। इसमें सैन्य प्रोटोकॉल, राष्ट्रगान और औपचारिक सलामी समेत कई चरण शामिल होते हैं। ध्वजारोहण के दौरान अलग-अलग गतिविधियों के बीच समय का सटीक तालमेल रखा जाता है। रक्षा मंत्रालय की ओर से चयनित सैन्य अधिकारी इस पूरी औपचारिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं।



