जयपुर। राजस्थान में 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सुबह 7:30 बजे ध्वजारोहण किया। इस दौरान पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, शकुंतला रावत, ब्रज किशोर शर्मा, विधायक प्रशांत शर्मा सहित कांग्रेस के कई नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। डोटासरा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए मजबूती से काम करने का आह्वान किया।
डोटासरा बोले- आजादी हजारों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का परिणाम
मीडिया से बातचीत में गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि भारत की आजादी किसी एक व्यक्ति या एक दिन की देन नहीं है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में महात्मा गांधी के नेतृत्व और हजारों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया। डोटासरा ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने जेल की यातनाएं सहीं, लाठियां खाईं और देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने संविधान निर्माण में डॉ. भीमराव अंबेडकर की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान ने देश के नागरिकों को समान अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था में भागीदारी का अवसर दिया।
‘विपक्ष सरकार का दुश्मन नहीं, जनता की आवाज है’
डोटासरा ने केंद्र सरकार पर संविधान की भावना के अनुरूप काम नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष सरकार का दुश्मन नहीं बल्कि जनता की आवाज होता है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दलित समाज से जुड़े विवादों, युवाओं के रोजगार और शिक्षा से जुड़े सवालों का भी जिक्र किया। डोटासरा के मुताबिक युवाओं को रोजगार और भविष्य को लेकर चिंता है और अपनी मांगों के लिए आंदोलन करने वाले युवाओं की आवाज सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में कांग्रेस अपने संघर्ष को जारी रखेगी।
बड़ी चौपड़ पर टीकाराम जूली ने किया ध्वजारोहण
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सुबह 8 बजे जयपुर की बड़ी चौपड़ पर ध्वजारोहण किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने भी केंद्र सरकार पर कई राजनीतिक आरोप लगाए। जूली ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की शहादत के कारण देश आजाद हुआ और आजादी के बाद भारत ने कई क्षेत्रों में प्रगति की है। हालांकि उन्होंने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर लोकतंत्र पर चिंता जताई।
जूली ने रोजगार, किसान और छात्रों के मुद्दे उठाए
टीकाराम जूली ने सरकार पर युवाओं के रोजगार, किसानों, छात्रों और गरीब-मजदूरों से जुड़े मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सरकार इन समस्याओं का समाधान करने के बजाय जाति, धर्म और संप्रदाय की राजनीति को प्राथमिकता दे रही है। जूली ने सरकार पर संविधान को कमजोर करने और संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। उन्होंने वोट और जनादेश से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए दल-बदल की राजनीति पर भी सवाल खड़े किए।
ओबीसी आरक्षण को लेकर भी सरकार पर निशाना
राजस्थान में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर भी टीकाराम जूली ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि आरक्षण संवैधानिक और न्यायिक व्यवस्था के तहत लागू हुआ है, लेकिन राजस्थान में ओबीसी आरक्षण को कमजोर करने और प्रतिनिधित्व कम करने की कोशिश की जा रही है। जूली ने आरोप लगाया कि इस तरह की राजनीति से विभिन्न जातियों के बीच विभाजन बढ़ सकता है।
स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस ने संविधान और लोकतंत्र को बनाया मुद्दा
राजस्थान कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों में इस बार देश की आजादी के इतिहास के साथ-साथ संविधान, लोकतंत्र, रोजगार, सामाजिक न्याय और आरक्षण जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। डोटासरा और जूली के बयानों से साफ है कि कांग्रेस आगामी राजनीतिक लड़ाई में संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं, युवाओं, सामाजिक न्याय और ओबीसी आरक्षण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।



