Wednesday, May 20, 2026
HomeLatest Newsक्या ट्रंप को ईरान से वापस बुलानी पड़ेगी सेना ? अमेरिकी सीनेट...

क्या ट्रंप को ईरान से वापस बुलानी पड़ेगी सेना ? अमेरिकी सीनेट में राष्ट्रपति के युद्ध अधिकारों को सीमित करने का प्रस्ताव पास

US Iran War and Donald Trump Politics: डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सीनेट ने एक प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रपति के युद्ध अधिकारों को सीमित करना है। यह प्रस्ताव 50-47 मतों से पारित हुआ, जिसमें कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने भी ट्रंप के खिलाफ वोट दिया।

US Iran War and Donald Trump Politics: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है. अमेरिकी सीनेट ने मंगलवार को उस विधेयक को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी, जिसका उद्देश्य राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान के खिलाफ युद्ध कार्रवाई से पीछे हटने के लिए मजबूर करना है.

रिपब्लिकन सांसदों ने भी ट्रंप के खिलाफ जाकर समर्थन

इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए हुए मतदान में कई रिपब्लिकन सांसदों ने भी ट्रंप के खिलाफ जाकर समर्थन दिया. विधेयक 50 के मुकाबले 47 मतों से पारित हुआ. इस परिणाम ने साफ संकेत दिया कि रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी ईरान के साथ संभावित युद्ध को लेकर मतभेद मौजूद हैं.

दरअसल, फरवरी के अंत में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर हमला करने का आदेश दिए जाने के बाद डेमोक्रेट सांसद लगातार ‘वॉर पावर्स’ प्रस्ताव ला रहे हैं. इन प्रस्तावों के तहत राष्ट्रपति को युद्ध जैसी सैन्य कार्रवाई के लिए कांग्रेस की मंजूरी लेनी होगी या फिर अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाना पड़ेगा.

रिपब्लिकन सीनेटर बिल कैसिडी ने विधेयक के पक्ष में किया वोट

अब तक रिपब्लिकन सांसद ऐसे प्रस्तावों को रोकने में सफल रहे थे, लेकिन इस बार लुइसियाना के रिपब्लिकन सीनेटर बिल कैसिडी ने अपना रुख बदल लिया और विधेयक के पक्ष में निर्णायक वोट दिया. माना जा रहा है कि हाल ही में हुए प्राइमरी चुनाव में ट्रंप द्वारा उनके प्रतिद्वंद्वी का समर्थन किए जाने के बाद दोनों नेताओं के संबंधों में तनाव आया था. इसके अलावा रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल, मेन की सुसैन कॉलिन्स और अलास्का की लिसा मर्कोव्स्की पहले भी ऐसे युद्ध अधिकार प्रस्तावों के समर्थन में मतदान कर चुके हैं. मंगलवार को भी उन्होंने विधेयक के पक्ष में वोट दिया.

विधेयक का अंतिम रूस से पारित होना बाकी

हालांकि यह विधेयक अभी अंतिम रूप से पारित नहीं हुआ है. इसे पूरी मंजूरी मिलने के लिए आगे भी मतदान होना बाकी है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अंतिम वोटिंग कब होगी. हालांकि जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम अमेरिकी राजनीति में बढ़ते मतभेदों और ईरान के साथ संभावित युद्ध को लेकर बढ़ती चिंता को दर्शाता है. साथ ही यह भी साफ हो गया है कि कांग्रेस के भीतर राष्ट्रपति की सैन्य शक्तियों को सीमित करने की मांग मजबूत होती जा रही है.

ये भी पढ़ें: PM मोदी और इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी की फिर दिखी जबरदस्त बॉन्डिंग, एक कार में सफर से डिनर तक छाई तस्वीरें


Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

Premanshu Chaturvedi
Premanshu Chaturvedihttp://jagoindiajago.news
खबरों की दुनिया में हर लफ्ज़ को जिम्मेदारी और जुनून के साथ बुनने वाला। मेरा मानना है कि एक अच्छी खबर केवल सूचना नहीं देती, बल्कि समाज को सोचने, सवाल करने और बदलने की ताकत भी देती है। राजनीति से लेकर मानवता की कहानियों तक, हर विषय पर गहराई से शोध कर निष्पक्ष और सटीक रिपोर्टिंग करना ही मेरी पहचान है। लेखनी के जरिए सच्चाई को आवाज़ देना मेरा मिशन है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular