जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajan Lal Sharma) का मानना है कि प्रदेश और देश के समग्र विकास का रास्ता गांवों से होकर गुजरता है। इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री ‘ग्रामोदय से अंत्योदय’ की अवधारणा को जमीन पर उतारते हुए लगातार गांवों का दौरा कर रहे हैं। ग्राम विकास चौपालों के माध्यम से वे सीधे ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और मौके पर ही समाधान के निर्देश भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री की इस पहल का असर अब गांवों में साफ दिखाई देने लगा है। चौपालों में केवल संवाद ही नहीं, बल्कि विकास कार्यों को लेकर त्वरित फैसले भी लिए जा रहे हैं। ग्रामीणों की परिवेदनाओं के निस्तारण के साथ-साथ सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों के लिए हाथों-हाथ आदेश जारी किए जा रहे हैं।
स्थानीय विकास को लेकर तुरंत हो रहे महत्वपूर्ण फैसले
मुख्यमंत्री की ग्राम विकास चौपालें केवल ग्रामीणों से संवाद का ही नहीं समाधान का भी प्रभावी मंच साबित हो रही हैं। चाहे सीकर के जाजोद गांव में छात्राओं की मांग पर एक रात में विद्यालय में विज्ञान संकाय खोलना हो या अजमेर के कड़ेल गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नयन, मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता का उदाहरण पेश करते हुए तुरंत कार्य करवाए, जो ग्रामीणों के चेहरों पर मुस्कान की वजह बने।
ग्राम विकास चौपाल की कड़ी में मुख्यमंत्री का अगला पड़ाव अब बांसवाड़ा के कुशलगढ़ में चुड़ादा गांव होगा। मुख्यमंत्री बुधवार 20 मई को चुड़ादा पहुंचेंगे और ग्राम विकास चौपाल में ग्रामीणों के साथ संवाद के बाद रात्रि विश्राम भी यहीं करेंगे। इसके बाद गुरुवार 21 मई को सुबह मुख्यमंत्री गांव का पैदल भ्रमण के दौरान घर-घर जाकर लोगों से संवाद करेंगे। वहीं, बांसवाड़ा कलक्ट्रेट में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर मुख्यमंत्री सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का फीडबैक भी लेंगे।
मुख्यमंत्री गुरुवार दिनांक 21 मई को ही डूंगरपुर भी पहुंचेंगे। जहां कलक्ट्रेट में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेने के बाद मुख्यमंत्री चौरासी के धम्बोला गांव पहुंचेंगे। यहां ग्राम विकास चौपाल और रात्रि विश्राम के बाद शुक्रवार दिनांक 22 मई को सुबह पैदल भ्रमण कर मुख्यमंत्री आमजन से बातचीत भी करेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अब तक प्रतापगढ़ के बम्बोरी, सीकर के जाजोद, अजमेर के कड़ेल, जालोर के पंसेरी और जयपुर के ठिकरिया गांव में ग्राम विकास चौपाल कर चुके हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पेट्रोल-डीजल में बचत की अपील के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ना केवल काफिले में वाहनों की संख्या में कमी की है, बल्कि मुख्यमंत्री इलेक्ट्रिक वाहन में ही सफर कर रहे हैं। वागड़ में होने वाली ग्राम विकास चौपाल सहित अन्य कार्यक्रमों के लिए मुख्यमंत्री ईवी का ही उपयोग करेंगे।



