Wednesday, May 20, 2026
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‘जब MLA की ये हालत है तो आम जनता का क्या?’ गिरल माइंस आंदोलन पर BJP सरकार पर बरसे अशोक गहलोत और टीकाराम जूली

Giral Mines Workers Agitation: राजस्थान के बाड़मेर में गिरल लिग्नाइट माइंस मजदूरों के 38 दिन से जारी आंदोलन पर सियासत तेज हो गई है। पूर्व सीएम अशोक गहलोत और टीकाराम जूली ने विधायक रविंद्र सिंह भाटी के समर्थन में भाजपा सरकार पर निशाना साधा।

Giral Mines Workers Agitation: बाड़मेर में गिरल लिग्नाइट माइंस के मजदूरों के 38 दिन से जारी धरना प्रदर्शन पर अब सियासत तेज हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के समर्थन उतर आए हैं. विधायक रविंद्र सिंह भाटी के आत्मदाह की कोशिश के बाद दोनों नेताओं ने बीजेपी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं.

अशोक गहलोत ने कही ये बात

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- ‘बाड़मेर में गिरल लिग्नाइट माइंस के मजदूरों का 38 दिन से धरना प्रदर्शन जारी है. शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी भी 15 दिन से इन मजदूरों के साथ बैठे हैं. परन्तु न तो सरकार ने कोई वार्ता की और न ही प्रशासन ने ध्यान दिया. इस उदासीनता के कारण वे मजदूरों के साथ कलेक्ट्रेट कूच करने एवं अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलने तक को मजबूर हुए.

उन्होंने आगे लिखा- ‘भाजपा के शासन में एक विधायक को अपनी मांगों पर ध्यानाकर्षण के लिए ऐसा कदम उठाना पड़ रहा है तो आम आदमी की स्थिति की कल्पना की जा सकती है. राज्य सरकार को अविलंब इनकी मांगों पर ध्यान देकर सकारात्मक हल निकालना चाहिए.’

‘भाजपा शासन में जब एक विधायक की ही यह दुर्दशा है’

वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा-‘बाड़मेर की गिरल लिग्नाइट माइंस के मजदूरों के हक की लड़ाई में पिछले 15 दिनों से धरने पर बैठे शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी को भाजपा सरकार की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता के कारण कलेक्ट्रेट कूच करना पड़ा और वहां अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलने जैसे कठोर कदम के लिए मजबूर होना पड़ा, यह लोकतंत्र पर कलंक है.

जूली ने आगे कहा कि ‘भाजपा शासन में जब एक विधायक की ही यह दुर्दशा है, तो आम जनता की स्थिति कितनी दयनीय होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है. मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि तत्काल इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर मजदूरों और विधायक से तुरंत वार्ता करें और उनकी मांगों का ठोस एवं सकारात्मक समाधान निकाला जाए.’

क्यों धरना दे रहे मजदूर ?

गिरल लिग्नाइट माइंस के बाहर मजदूर पिछले 38 दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड ने थुंबली गिरल और आसपास के क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण के दौरान रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन पिछले 30 वर्षों में स्थानीय युवाओं को पर्याप्त नौकरी नहीं मिली. मजदूरों और ग्रामीणों का कहना है कि अब कई युवाओं को काम से हटाया भी जा रहा है, जिससे क्षेत्र में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है.

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Premanshu Chaturvedi
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