Ravindra Singh Bhati News : बाड़मेर। राजस्थान के बाड़मेर जिले में मंगलवार को उस समय बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक हंगामा खड़ा हो गया, जब गिरल लिग्नाइट माइंस के बाहर मजदूरों के धरना प्रदर्शन को लेकर शिव विधायक रवींद्र सिंह भाटी (Ravindra Singh Bhati) जिला कलेक्ट्रेट पहुंच गए। प्रदर्शन के दौरान विधायक ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया और माचिस जलाकर आत्मदाह करने की कोशिश की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। हालांकि मौके पर मौजूद एएसपी नितेश आर्य और अन्य पुलिस अधिकारियों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए रविंद्र सिंह भाटी को पकड़ लिया और सुरक्षित तरीके से कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर ले गए। समय रहते कार्रवाई होने से बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद प्रशासन ने एहतियातन बाड़मेर जिला कलेक्ट्रेट के सभी गेट बंद कर दिए। वहीं दूसरी ओर मजदूरों का प्रदर्शन लगातार जारी है और बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट के बाहर डटे हुए हैं।
रोजगार नहीं मिलने से मजदूरों में बढ़ा गुस्सा
गिरल लिग्नाइट माइंस के बाहर पिछले 39 दिनों से मजदूरों का विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन चल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजस्थान राज्य खान एवं खनिज लिमिटेड ने थुंबली गिरल और आसपास के इलाकों में जमीन अधिग्रहण के दौरान रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन 30 साल बीत जाने के बावजूद बड़ी संख्या में युवाओं को स्थायी रोजगार नहीं मिल पाया। इतना ही नहीं, अब कई स्थानीय कर्मचारियों को काम से हटाए जाने से लोगों में भारी नाराजगी है।
9 अप्रैल से शुरू हुए इस आंदोलन को शिव विधायक रवींद्र सिंह भाटी का खुला समर्थन मिला हुआ है। विधायक ने एक दिन पहले प्रेसवार्ता कर चेतावनी दी थी कि यदि मजदूरों की मांगें नहीं मानी गईं तो यूनियन के साथ मिलकर आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इसी क्रम में मंगलवार को रविंद्र सिंह भाटी के नेतृत्व में मजदूरों के समर्थन में एक बड़ी जनसभा आयोजित की गई। इसके बाद 6 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट घेराव किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मजदूर और स्थानीय लोग शामिल हुए।
रविंद्र भाटी ने की आत्मदाह की कोशिश
गिरल लिग्नाइट माइंस आंदोलन ने मंगलवार को उस वक्त और उग्र रूप ले लिया, जब बड़ी संख्या में मजदूर गाड़ियों के काफिले के साथ बाड़मेर जिला कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। हालांकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शहर के बीएसएफ गेट के पास ही रोक दिया। इसके बाद शिव विधायक रवींद्र सिंह भाटी के नेतृत्व में मजदूर पैदल ही कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान रविंद्र सिंह भाटी ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मजदूरों की आवाज को लाठी और दबाव के दम पर कुचलने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि अपने हक और रोजगार की लड़ाई लड़ रहे मजदूर अब पीछे हटने वाले नहीं हैं।
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद विधायक भाटी ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए उन्हें पकड़ लिया और बड़ा हादसा टाल दिया। इससे पहले सोमवार को राजस्थान हाई कॉर्ट ने ठेकेदार कंपनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए गिरल माइंस से लिग्नाइट परिवहन तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने बाड़मेर एसपी और शिव थाना अधिकारी को स्पष्ट आदेश दिया कि परिवहन में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और वाहनों को पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। अदालत के इस आदेश के बाद प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रहे हैं।



