नई दिल्ली (प्रज्ञा पांडे)। मानसून सत्र के 12वें दिन राम मंदिर चढ़ावा विवाद का मुद्दा संसद में छाया रहा। विपक्षी सांसदों ने इस मामले को लेकर सरकार से जवाब और चर्चा की मांग की। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद स्थगित कर दी गई। वहीं, राज्यसभा में भी विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के कारण कार्यवाही कई बार बाधित हुई। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। कुछ सांसद प्रदर्शन के दौरान दानपेटी लेकर भी पहुंचे।
खड़गे ने सरकार से पूछे सवाल
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राम मंदिर से जुड़े ट्रस्ट और कथित चढ़ावा विवाद को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। खड़गे ने कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की निगरानी में हुआ था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी राम मंदिर से जुड़े कई आयोजनों में शामिल रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इस मामले में आरोप सामने आ रहे हैं तो प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और अन्य जांच एजेंसियां क्या कर रही हैं। उन्होंने सरकार से सदन में जवाब देने की मांग की।
रिजिजू का विपक्ष पर पलटवार
खड़गे के आरोपों पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधा। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी लंबे समय तक राम मंदिर के मुद्दे का विरोध करती रही हैं और अब इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बना रही हैं। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है और पहले उन लोगों को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए जिन्होंने राम मंदिर का विरोध किया था। राम मंदिर चढ़ावे और ट्रस्ट से जुड़े कुछ आरोपों को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हुआ। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा, जबकि सरकार ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। इस मामले को लेकर संसद के बाहर भी विपक्षी दलों ने प्रदर्शन किया और सरकार पर कार्रवाई की मांग की।
संसद में लगातार जारी है टकराव
मानसून सत्र के दौरान कई मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा है। राम मंदिर चढ़ावा विवाद भी अब इसी राजनीतिक खींचतान का हिस्सा बन गया है। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर हैं कि सरकार इस मुद्दे पर आगे क्या जवाब देती है और संसद की कार्यवाही कब सामान्य हो पाती है।



