Women Reservation Bill : नई दिल्ली। महिला आरक्षण विधेयक को समय की आवश्यकता बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि सभी को इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करना चाहिए। शाह ने इसे बेहतरी के लिए एक ऐसा बदलाव बताया, जिसे निश्चित रूप से बिना किसी देरी के होना चाहिए। ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में शाह ने कहा, महिला आरक्षण विधेयक समय की आवश्यकता है।
महिला आरक्षण विधेयक समय की जरूरत है : अमित शाह
हमारी नारी शक्ति को न्यायोचित अधिकार है कि वे नीति-निर्माण में सक्रिय भागीदारी करें और राष्ट्र को सशक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। मोदी सरकार इस विधेयक को प्रस्तुत करने और इसे प्रभावी रूप से लागू करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि बेहतरी के लिए यह एक ऐसा बदलाव है, जो निश्चित रूप से बिना किसी देरी के होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी लोग इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करेंगे।
संसद ने सितंबर 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया, जिसे आम तौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के नाम से जाना जाता है। यह विधायी निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक तिहाई सीट महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। मसौदा संविधान संशोधन विधेयक के अनुसार, महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन के पारित होने पर लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 850 हो जाएगी।
नारी शक्ति को मिलेगा 33 प्रतिशत आरक्षण जल्द
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान 2023 में संविधान में संशोधन के माध्यम से किया गया था। वर्तमान कानून के तहत, महिलाओं के लिए आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने से जुड़ा था। इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव की आवश्यकता थी। इसलिए, कानून में संशोधन पारित करने के लिए सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक संसद सत्र आहूत किया है।



