Iran US War: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने अब खतरनाक मोड़ ले लिया है. इस्लामाबाद में वार्ता विफल होने के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी ने हालात और गंभीर बना दिए हैं. मुंबई स्थित ईरानी कॉन्सुलेट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर कर अमेरिका को खुली चेतावनी दी है। पोस्ट में लिखा गया-‘अभी तो सिर्फ ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है.’
ताबड़तोड़ मिसाइल दागते नजर आ रही ईरानी बोट्स
वीडियो में ईरान की मिसाइल बोट्स की ताकत दिखाई गई है, जहां जहाजों पर मिसाइल दागने के दृश्य नजर आ रहे हैं. यह साफ संकेत है कि ईरान अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है. अमेरिका ने हॉर्मुज स्ट्रेट में उन जहाजों की नाकेबंदी शुरू की है, जो ईरान को टोल दे रहे हैं. वहीं ईरान का कहना है कि बिना टोल दिए किसी भी जहाज को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी. यही विवाद अब सीधे टकराव की स्थिति पैदा कर रहा है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है. ऐसे में यहां बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा सप्लाई और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है.
“Red bees of the #PersianGulf” yeah, the fast missile boats are warming up.
— Consulate General of the I.R. Iran in Mumbai (@IRANinMumbai) April 13, 2026
Funny how #Trump kept claiming #Iran’s navy was “finished”… now they’re about to find out how a swarm can pin you down real quick.
Abhi toh sirf trailer hai, picture abhi baaki hai 😏.#HORMUZ pic.twitter.com/Wu0FV5iMIc
‘दुनिया को ‘जंगल के कानून’ की स्थिति में नहीं जाने देना चाहिए’
इस बीच शी जिनपिंग ने भी मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि दुनिया को ‘जंगल के कानून’ की स्थिति में नहीं जाने देना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह टकराव और बढ़ता है, तो यह केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक संकट बन सकता है, जिसका असर तेल कीमतों, व्यापार और सुरक्षा पर पड़ेगा.
अमेरिका और ईरान की दोबारा वार्ता अब तक तय नहीं
वहीं इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान की बातचीत फेल होने के बाद कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि एक बार फिर पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता हो सकती है. हालांकि ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में सीजफायर वार्ता होगी या नहीं, इस पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है.
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