Bihar Politics : पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से निष्कासन के बाद बिहार की राजनीति में अपनी जमीन तलाश रहे जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने चर्चित चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से सलाह मांगी है। यादव ने बुधवार देर रात राज्य के दौरे पर निकले जन सुराज पार्टी के संस्थापक किशोर से एक अज्ञात स्थान पर मुलाकात की। उन्होंने इस बैठक का एक छोटा वीडियो क्लिप अपने ‘एक्स’ हैंडल पर भी साझा किया। बिहार के पूर्व मंत्री यादव ने लिखा कि उन्होंने राज्य की राजनीति पर किशोर के साथ ‘‘गहन चर्चा की’’ जो ‘‘काफी महत्वपूर्ण’’ है।
यादव ने बताया कि उनकी प्रशांत किशोर के साथ हुई मुलाकात में जनता की अपेक्षाओं और बदलते राजनीतिक समीकरणों पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इस संवाद में कई ऐसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ, जो आने वाले समय में बिहार की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं। हालांकि, पिछले वर्ष नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को एक भी सीट हासिल नहीं हो सकी। खुद तेज प्रताप यादव वैशाली जिले की महुआ सीट से तीसरे स्थान पर रहे। दिलचस्प बात यह है कि इसी सीट से उन्होंने एक दशक पहले अपने राजनीतिक करियर की सफल शुरुआत की थी, लेकिन इस बार नतीजे उनके पक्ष में नहीं रहे।
उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव, जिन्हें हाल ही में राजद का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है, पड़ोसी राघोपुर सीट से लगातार तीसरी बार विजयी हुए थे। तेज प्रताप ने कहा, मैं, तेज प्रताप यादव, इस संवाद को अपने राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव मानता हूं, जहां सकारात्मक सोच और जनसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने का मेरा संकल्प और मजबूत हुआ है। अपने संदेश में उन्होंने तेजस्वी यादव के अलावा राहुल गांधी और सम्राट चौधरी को भी टैग किया। सम्राट चौधरी पिछले सप्ताह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से बिहार के पहले मुख्यमंत्री बने हैं।
सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और विपक्षी महागठबंधन के नेताओं ने इस मुलाकात पर टिप्पणी करने से परहेज किया। हालांकि, कुछ नेताओं ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर माना कि यदि यादव और किशोर साथ आते हैं तो राज्य में एक संभावित ‘‘तीसरा मोर्चा’’ उभर सकता है। हालांकि 48 वर्षीय किशोर लगातार कहते रहे हैं कि वह जन सुराज पार्टी का किसी अन्य दल से गठजोड़ नहीं चाहते, क्योंकि उनका उद्देश्य बिहार को एक राजनीतिक विकल्प देना है।
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मीडिया को दिए कई साक्षात्कारों में किशोर यह संकेत देते रहे थे कि तेज प्रताप यादव को लेकर उनकी राय, तेजस्वी यादव और सम्राट चौधरी की तुलना में कम आलोचनात्मक है। किशोर ने कहा था, तेज प्रताप यादव, तेजस्वी यादव और सम्राट चौधरी, तीनों की राजनीति में उन्नति इस वजह से हुई कि उनका जन्म प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवारों में हुआ। लेकिन बाकी दोनों के मुकाबले तेज प्रताप यादव अधिक पारदर्शी नजर आते हैं। सम्राट चौधरी, जिन पर किशोर अक्सर तेजस्वी यादव के साथ शैक्षणिक योग्यता को लेकर निशाना साधते हैं, पूर्व सांसद शकुनी चौधरी और पार्वती देवी के पुत्र हैं।



