नई दिल्ली। रेल यात्रियों के लिए यात्रा बीमा से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे टिकटों पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर अहम निर्देश दिया है। निर्देश के अनुसार, ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों की तरह काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्रियों को भी यात्रा बीमा का लाभ देने की व्यवस्था की जानी चाहिए। इससे ऑफलाइन टिकट लेने वाले यात्रियों को भी बीमा सुरक्षा के दायरे में लाने का रास्ता साफ हो सकता है।
ऑनलाइन और काउंटर टिकट के यात्रियों में नहीं होना चाहिए भेदभाव
मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन और ऑफलाइन टिकट खरीदने वाले यात्रियों के बीच बीमा सुविधा को लेकर अंतर पर ध्यान दिया। फिलहाल ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान यात्रा बीमा का विकल्प उपलब्ध होता है, जबकि रेलवे काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्रियों को यह सुविधा उसी तरह उपलब्ध नहीं है। कोर्ट के निर्देश का उद्देश्य दोनों श्रेणियों के यात्रियों को समान सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि टिकट खरीदने के तरीके के आधार पर यात्रा बीमा के लाभ में अंतर न रहे।
27 अक्टूबर से काउंटर टिकट पर बीमा सुविधा का निर्देश
रेलवे काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्रियों के लिए भी बीमा सुविधा लागू करने की बात कही गई है। इसके लिए 27 अक्टूबर की तारीख का उल्लेख किया गया है। हालांकि, सुविधा लागू होने की अंतिम व्यवस्था और उससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि रेलवे के आधिकारिक आदेश से की जानी चाहिए।
आदेशों की पालना नहीं हुई तो रेलवे बोर्ड की जिम्मेदारी
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देशों के पालन को लेकर रेलवे बोर्ड की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया है। मामले में आदेशों की पालना सुनिश्चित करने की बात कही गई है, ताकि यात्रियों को बीमा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू हो सके।
ओडिशा रेल हादसे के बाद दायर याचिका पर सुनवाई
यह मामला ओडिशा रेल हादसे के बाद दायर याचिका से जुड़ा है। मामले की सुनवाई जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने की। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 16 नवंबर को होने की जानकारी दी गई है।
रेल यात्रियों के लिए क्यों अहम है यह निर्देश?
यदि रेलवे काउंटर टिकटों पर भी यात्रा बीमा की सुविधा लागू होती है, तो इससे उन यात्रियों को लाभ मिल सकता है जो ऑनलाइन बुकिंग के बजाय सीधे रेलवे स्टेशन के काउंटर से टिकट खरीदते हैं। इस कदम से यात्रा बीमा की पहुंच बढ़ाने और यात्रियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।



