उदयपुर। गुजरात के राजकोट में कर्मचारी की गोली मारकर हत्या और सोना-चांदी लूटने के सनसनीखेज मामले में राजस्थान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उदयपुर पुलिस ने आईजी गौरव श्रीवास्तव के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए मामले से जुड़े संदिग्ध आरोपियों को पकड़ने और लूटे गए आभूषण बरामद करने में कामयाबी हासिल की। इस कार्रवाई से गुजरात पुलिस को भी बड़ी राहत मिली है।
गुजरात में हत्या और लूट के बाद राजस्थान भाग रहे थे बदमाश
जानकारी के अनुसार, गुजरात के राजकोट में हथियारबंद बदमाशों ने सरेआम गोलीबारी कर एक कर्मचारी की हत्या कर दी थी। वारदात के दौरान आरोपी सोना-चांदी के आभूषण लूटकर फरार हो गए थे। घटना के बाद बदमाशों के अंतरराज्यीय सीमा पार कर भागने की आशंका जताई जा रही थी। मामले की सूचना मिलते ही उदयपुर पुलिस अलर्ट हो गई और सीमावर्ती इलाकों सहित प्रमुख रास्तों पर नाकाबंदी कर दी गई। पुलिस ने संदिग्धों की तलाश तेज करते हुए भागने के संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी।
उदयपुर पुलिस की घेराबंदी, लूटे गए आभूषण बरामद
उदयपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक किलो से अधिक सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए। पुलिस की इस कार्रवाई को राजस्थान और गुजरात पुलिस के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम माना जा रहा है। आईजी गौरव श्रीवास्तव की निगरानी में की गई कार्रवाई में सूचना तंत्र, त्वरित नाकाबंदी और सटीक रणनीति की अहम भूमिका रही।
राजकोट में वारदात के बाद मचा था हड़कंप
राजकोट में हुई हत्या और लूट की घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। वारदात को लेकर सोनी बाजार में हड़ताल की स्थिति बनने से मामले ने और तूल पकड़ लिया था। गुजरात के गृहमंत्री हर्ष संघवी के प्रस्तावित दौरे के बीच भी इस मामले पर विशेष ध्यान दिया जा रहा था।
राजस्थान-गुजरात पुलिस के समन्वय से मिली सफलता
गुजरात में वारदात को अंजाम देकर भागने की कोशिश कर रहे आरोपियों के खिलाफ उदयपुर पुलिस की कार्रवाई को बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय अपराधियों पर शिकंजा कसने और दोनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर तालमेल का उदाहरण सामने आया है।



