जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद मदन राठौड़ ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद से भागने वाला व्यक्ति बहस की चुनौती देता हुआ अच्छा नहीं लगता। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जब से नेता प्रतिपक्ष बने हैं, तब से उनकी भूमिका नेता प्रतिपक्ष की बजाय ‘नेता प्रोपेगेंडा’ जैसी हो गई है। कभी संसद में बोलने पर भूकंप आने की बात करते हैं, तो कभी अनर्गल बयानबाजी कर सुर्खियों में बने रहने का प्रयास करते हैं।
राठौड़ ने कहा कि राहुल गांधी का मकसद केवल झूठे आरोप लगाना और मीडिया की सुर्खियों में बने रहना है। यदि उनमें हिम्मत है तो संसद में आकर बहस करें। भाजपा संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि ईवीएम, एसआईआर या घुसपैठियों जैसे किसी भी मुद्दे पर संसद में चर्चा की जा सकती है, क्योंकि लोकतंत्र में जनता की आवाज उठाने का सबसे बेहतर मंच संसद है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए संसद की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के फैसले संसद में होने चाहिए। यदि फैसले सड़क पर होने लगेंगे, तो लोकतंत्र की जगह अराजकता की स्थिति पैदा हो जाएगी। इसी अराजकता को रोकने के लिए भाजपा देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चला रही है।
कांग्रेस पर वोट चोरी के आरोप
मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद हुए पहले चुनाव में मौलाना अबुल कलाम आजाद को जिताने और बाबा साहब आंबेडकर को हराने के लिए कांग्रेस ने कथित तौर पर कई हथकंडे अपनाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबा साहब के खिलाफ वैध मतों को खारिज किया गया, जबकि अबुल कलाम आजाद के पक्ष में विपक्ष के वोट कांग्रेस की मतपेटियों में डलवाए गए। राठौड़ ने कहा कि जिस कांग्रेस पर खुद ऐसे आरोप रहे हैं, वह आज वोट चोरी की बात कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह ‘सौ चूहे खाकर बिल्ली चली हज को’ वाली कहावत को चरितार्थ करता है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का चरित्र झूठ बोलने और फिर जिम्मेदारी से भागने का रहा है।



