जयपुर। राजस्थान में भाजपा सरकार के तीन साल पूरे होने के बीच कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि भाजपा की डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में राजस्थान में विकास की रफ्तार थम गई है और जनता को वादाखिलाफी, बदहाली तथा भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस ने पंचायत व्यवस्था, किसानों, स्वास्थ्य, शिक्षा और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार के विकास के दावे जमीनी हालात से मेल नहीं खाते। पार्टी का आरोप है कि सत्ता का संरक्षण ऊपर से मिल रहा है, जबकि नीचे भ्रष्टाचार का कारोबार चल रहा है और आम जनता परेशान है।
पंचायत चुनाव में देरी और ग्रामीण विकास पर सवाल
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पंचायत चुनावों को लटकाकर पंचायती राज व्यवस्था को कमजोर किया है। पार्टी का कहना है कि निर्वाचित प्रतिनिधियों की जगह अफसरशाही को बैठाया गया और अदालत के निर्देशों के बावजूद चुनावी प्रक्रिया में देरी हुई।
प्रेस विज्ञप्ति में मतगणना में धांधली, फर्जी मतदान और पुनर्मतगणना से इनकार जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। कांग्रेस के मुताबिक पंचायतों की वित्तीय सहायता अटकी हुई है और मनरेगा का करीब 4,501 करोड़ रुपये बकाया है। पार्टी ने कहा कि ग्रामीण विकास के लिए धन उपलब्ध नहीं होने से गांवों के काम प्रभावित हो रहे हैं।
किसानों से किए वादे अधूरे होने का आरोप
कांग्रेस ने किसानों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। पार्टी की ओर से जारी विज्ञप्ति में दावा किया गया कि तीन वर्षों में खाद और कीटनाशकों के 2,220 नमूने जांच में फेल हुए। बाजरा, ज्वार, चना, मूंग और उड़द की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद के वादे अधूरे बताए गए हैं।
कांग्रेस ने किसानों पर लगभग 1.92 लाख करोड़ रुपये का कर्ज होने का दावा करते हुए कहा कि सरकार ने कर्जमाफी से हाथ खड़े कर दिए हैं। फसल बीमा में कथित गड़बड़ियों, लंबित दावों और कम मुआवजे को लेकर भी सवाल उठाए गए। विज्ञप्ति के अनुसार, प्रदेश के 6.79 लाख किसान फसल बीमा योजना छोड़ चुके हैं और भुगतान के बावजूद 6,578 किसान बिजली कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार पर निशाना
कांग्रेस ने राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता जताते हुए प्रसूताओं की मौतों का आंकड़ा 45 तक पहुंचने, कफ सिरप से बच्चों की मौत, गलत रक्त चढ़ाने से जान जाने और SMS अस्पताल की आग जैसी घटनाओं का उल्लेख किया।
पार्टी ने RGHS योजना में भ्रष्टाचार और भुगतान संबंधी समस्याओं का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि उसकी सरकार के समय शुरू की गई 25 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य बीमा सुविधा और राइट टू हेल्थ जैसी पहल को भाजपा सरकार कमजोर कर रही है।
सरकारी स्कूलों की स्थिति पर उठाए सवाल
शिक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों की छतें असुरक्षित हैं और बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। विज्ञप्ति में लगभग 41 हजार सरकारी स्कूलों की सुरक्षा पर सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस ने शिक्षा विभाग में करीब डेढ़ लाख पद खाली होने, छात्राओं के लिए अलग शौचालयों का वादा पूरा नहीं होने, मिड-डे मील की बुनियादी सुविधाओं की कमी और RTE भुगतान अटकने का आरोप लगाया।
पार्टी ने यह भी दावा किया कि विद्यार्थियों और बालिकाओं से जुड़ी 37 योजनाओं में से 21 के लिए एक रुपया तक जारी नहीं किया गया। कांग्रेस ने स्कूलों की बदहाली दूर करने के बजाय उनकी तस्वीरें और वीडियो बनाने पर रोक लगाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए।
भ्रष्टाचार और योजनाओं में कथित अनियमितताओं का आरोप
कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के मामलों में गंभीर सवाल उठाए। विज्ञप्ति में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाले निवेश बोर्ड के जरिए अनंता रिसॉर्ट को विशेष पैकेज देने पर सवाल करते हुए निष्पक्ष CBI जांच की मांग का उल्लेख किया गया है।
कांग्रेस ने पेपर माफिया, बजरी माफिया, खनन माफिया और खेजड़ी माफिया के आरोपों का भी जिक्र किया। इसके अलावा उड़ान योजना में 44 करोड़ सैनिटरी पैड के लक्ष्य के मुकाबले महज 6 करोड़ वितरित किए जाने, बच्चों के दूध में कथित हेराफेरी, पेंशन और पालनहार योजना में फर्जी खातों, गरीबों के गेहूं की कालाबाजारी और निर्माण के बाद ही उखड़ती सड़कों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए।
कांग्रेस ने कहा, जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी
पवन खेड़ा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि भाजपा सरकार के तीन साल का हिसाब विकास के बजाय बदहाली, सुशासन के बजाय कुशासन और गारंटियों के बजाय वादाखिलाफी के रूप में सामने आया है।
कांग्रेस ने कहा कि पार्टी जनता के अधिकारों, किसानों के सम्मान, युवाओं के भविष्य और पंचायती राज की स्वायत्तता की लड़ाई मजबूती से जारी रखेगी। विज्ञप्ति के अंत में भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा गया, “भाजपा का डबल इंजन हुआ फेल, राजस्थान की जनता झेल रही उसका खेल!”



