जयपुर। राजस्थान में पंचायती राज चुनाव और आगामी त्योहारों को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने तथा प्रभावी नाकाबंदी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया है।
संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी पुलिस की सतर्कता
पंचायती राज चुनाव और त्योहारों के दौरान शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और प्रमुख स्थानों पर प्रभावी नाकाबंदी करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
असामाजिक तत्वों पर रहेगी पुलिस की नजर
चुनाव और त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की आशंका को देखते हुए असामाजिक तत्वों की पहचान करने तथा उनके खिलाफ नियमानुसार निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित विवाद या अप्रिय घटना को समय रहते रोकना है।
त्योहारों में सक्रिय रहेगी कालिका पेट्रोलिंग यूनिट
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए त्योहारों के दौरान कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की फील्ड में सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। पुलिस की नियमित गश्त और निगरानी से संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।
जिलों में पुलिस बल की तैनाती की बनेगी कार्ययोजना
राजस्थान पुलिस को जिलों में सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुसार पुलिस बल की तैनाती की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायती राज चुनाव और त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप पुलिस संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
चुनाव और त्योहारों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी
पंचायती राज चुनाव और आगामी त्योहारों को देखते हुए राजस्थान पुलिस का फोकस शांति व्यवस्था बनाए रखने, संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने और समय रहते आवश्यक कदम उठाने पर है। पुलिस की सतर्कता और प्रभावी गश्त से आमजन को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।



