जयपुर। बेंगलुरु में पुलिसकर्मियों से बदसलूकी और मारपीट के आरोपों के बाद IAS अधिकारी विकास मरमट पर कार्रवाई की गई है। आंध्र प्रदेश सरकार ने 2019 बैच के IAS अधिकारी को कुप्पम एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पद से हटाकर APO कर दिया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से सामान्य प्रशासन विभाग में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि बेंगलुरु के क्यूबन पार्क थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज है। आरोप है कि एक बार-रेस्तरां में पुलिस की जांच के दौरान विवाद हुआ, जिसके बाद पुलिसकर्मियों से कथित दुर्व्यवहार और मारपीट को लेकर केस दर्ज किया गया। अब विकास मरमट को अपनी अगली पोस्टिंग का इंतजार करना होगा।
ID कार्ड मांगने पर शुरू हुआ विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, बेंगलुरु के एक पब में पुलिसकर्मियों और IAS अधिकारी विकास मरमट के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि पुलिस इंस्पेक्टर द्वारा पहचान पत्र मांगे जाने पर अधिकारी और उनके साथ मौजूद लोगों की पुलिसकर्मियों से बहस हुई। इस दौरान गाली-गलौज और धक्का-मुक्की किए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस इंस्पेक्टर को थप्पड़ मारने का आरोप
इस मामले में IAS विकास मरमट पर पुलिस इंस्पेक्टर को थप्पड़ मारने का गंभीर आरोप है। इसके अलावा पुलिसकर्मियों को धमकी देने और उनके साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों के आधार पर होनी बाकी है।
4 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मामले में IAS विकास मरमट समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस की ओर से मामले में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम की जांच की जा रही है। केस दर्ज होने के बाद अधिकारी की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
चंद्रबाबू नायडू ने लिया संज्ञान
मामले को लेकर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू द्वारा संज्ञान लिए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव से इस मामले में रिपोर्ट मांगी गई है। अब प्रशासनिक स्तर पर मामले से जुड़ी जानकारी और घटनाक्रम की रिपोर्ट पर नजर रहेगी।
राजस्थान मूल के हैं IAS विकास मरमट
IAS विकास मरमट राजस्थान मूल के निवासी बताए जाते हैं और आंध्र प्रदेश कैडर में तैनात हैं। बेंगलुरु में सामने आए इस विवाद के बाद मामला प्रशासनिक और पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों, पुलिस की जांच और प्रशासनिक रिपोर्ट से जुड़ी आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण रहेगी।



