Saturday, May 16, 2026
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Pratyusha Death Case : तेलुगू एक्ट्रेस की मौत केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी की याचिका खारिज, 4 हफ्ते में सरेंडर का आदेश

उच्चतम न्यायालय ने तेलुगु अभिनेत्री प्रत्यूषा की 2002 मौत मामले में दोषी जी. सिद्धार्थ रेड्डी की सजा चुनौती याचिका खारिज कर दी और उसे चार हफ्ते में सरेंडर करने को कहा। कोर्ट ने गला घोंटने और दुष्कर्म के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सबूतों से जहर से मौत साबित होती है। साथ ही साजिश संबंधी मां की अर्जी भी नामंजूर कर दी गई।

Pratyusha Death Case : नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को तेलुगु अभिनेत्री प्रत्यूषा की 2002 में हुई मौत के मामले में अपनी सजा को चुनौती देने वाले एक आदमी की अर्जी खारिज कर दी और उसे चार हफ्ते के अंदर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने इस बात से इनकार किया कि इस मामले में गला घोंटा गया था और दुष्कर्म हुआ था। साथ ही पीठ ने प्रत्यूषा की मां पी सरोजिनी देवी की अर्जी भी खारिज कर दी, जिन्होंने मौत के पीछे साजिश का आरोप लगाया था।

पीठ ने कहा, ‘‘गला घोंटकर हत्या की बात खारिज की जाती है। सबूतों से जहर से मौत साबित होती है। अपील करने वाले आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का जुर्म नहीं बनता। अब यह आरोप लगाना मुश्किल है कि मौत का कारण दुष्कर्म और गला घोंटना था।’’ प्रत्यूषा की मौत 24 फरवरी, 2002 को हैदराबाद में हुई थी। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने 2011 में जी सिद्धार्थ रेड्डी की पांच साल की जेल की सजा घटाकर दो साल कर दी थी, जिसे प्रत्यूषा की मौत के मामले में दोषी ठहराया गया था।

निचली अदालत ने 2004 में रेड्डी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पांच साल की जेल की सजा सुनाई थी और 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया था। उसने आत्महत्या की कोशिश के लिए भी उसे एक और साल की जेल की सजा सुनाई थी और 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया था। रिमांड रिपोर्ट के अनुसार रेड्डी के खिलाफ मामले का निचोड़ यह है कि वह और प्रत्यूषा छह साल से एक-दूसरे से प्यार करते थे। हालांकि, प्रत्यूषा की मां को यह रिश्ता मंजूर था, लेकिन रेड्डी की मां इस रिश्ते के लिए राजी नहीं थीं, जिसकी वजह से दोनों ने आत्महत्या करने का फैसला किया।

दोनों 23 फरवरी, 2002 को एक कार में गए थे, उन्होंने एक कीटनाशक की बोतल खरीदी, उसे कोक में मिलाया और पी लिया। हालांकि, बाद में उन्हें समझ आ गया और उन्होंने फैसला किया कि उन्हें मरना नहीं चाहिए। वे हैदराबाद के केयर अस्पताल पहुंचे। कार रेड्डी ने चलाई। हालांकि, इलाज के बावजूद, प्रत्यूषा की मौत हो गई, जबकि रेड्डी बच गया।

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Mukesh Kumar
Mukesh Kumarhttps://jagoindiajago.news/
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