Sonam Wangchuk Hunger Strike: जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को कहा कि वह किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक जीवित रहेंगे. उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का आज 20वां दिन है और डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय से चल रहा उनका उपवास अब गंभीर स्थिति में पहुंच गया है. परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) का विरोध प्रदर्शन 28वें दिन में प्रवेश कर गया है. इस दौरान वांगचुक ने लोगों से अपील की है कि वे 20 जुलाई को संसद तक पार्टी के प्रस्तावित मार्च में बड़ी संख्या में शामिल हों.
‘मैं बाहर से कमजोर हूं, लेकिन अंदर से बहुत मजबूत हूं’
प्रदर्शन स्थल पर समर्थकों को संबोधित करते हुए वांगचुक ने अपनी बिगड़ती शारीरिक स्थिति को स्वीकार किया, लेकिन कहा कि उनका संकल्प अडिग है. उन्होंने कहा, ‘मैं बाहर से कमजोर हूं, लेकिन अंदर से बहुत मजबूत हूं. मुझे यकीन है कि आप सभी अंदर और बाहर, दोनों तरह से मजबूत हैं. हमें 20 जुलाई के लिए इस ऊर्जा की ज़रूरत है, जब हम संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे. हम सब मिलकर लोकतंत्र के मंदिर में अपनी बात रखेंगे.’

उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा, ‘मैं किसी भी हाल में 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा. अगर आप नहीं आए और 20 जुलाई का प्रदर्शन सफल नहीं हुआ, तो मैं भूत बनकर वापस आऊंगा.’ उनकी इस बात पर वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं.
वांगचुक की सेहत को लेकर डॉक्टरों की चेतावनी
वांगचुक का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने गुरुवार को चेतावनी दी थी कि लंबे समय तक उपवास के कारण उनकी हालत गंभीर हो गई है और अगर भूख हड़ताल जारी रही, तो अगला चरण चिंताजनक हो सकता है और अंगों को नुकसान पहुंचने की आशंका है. वांगचुक ने हालांकि, उपवास खत्म करने से इनकार कर दिया. उनका कहना था कि सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया मिले बिना इसे खत्म करने से गलत संदेश जाएगा. उन्होंने कहा कि अब पूरा ध्यान 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च को सफल बनाने पर होना चाहिए.
#WATCH दिल्ली: सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 20वां दिन है। डॉ. सतीश लांबा ने कहा, "…भूख हड़ताल का यह 20वां दिन है। 17 जुलाई 2026 को सुबह 9:30 बजे तक, स्वास्थ्य से जुड़े मुख्य पैरामीटर इस प्रकार हैं: व्यक्ति का वज़न 56.55 किलोग्राम है, जो पिछले 24 घंटों में 350 ग्राम कम हुआ है।… pic.twitter.com/93FznplIth
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 17, 2026
गौरतलब है कि कॉजपा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग कर रहा है. संगठन ने मानसून सत्र के पहले दिन, यानी 20 जुलाई को संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने का आह्वान किया है.कॉजपा का विरोध प्रदर्शन 20 जून को शुरू हुआ, जबकि वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए और तब से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं.
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