(प्रज्ञा पांडे)।अगर आप जिम जाने से पहले, देर रात तक जागने के लिए या तुरंत एनर्जी पाने के लिए Red Bull, Sting या दूसरी एनर्जी ड्रिंक्स पीते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। राजस्थान सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्य में 8 प्रमुख कैफीनेटेड एनर्जी ड्रिंक्स की बिक्री, भंडारण (स्टोरेज), प्रदर्शन (डिस्प्ले) और प्रचार पर रोक लगा दी है। यह रोक सिर्फ दुकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑनलाइन बिक्री और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि यह पूरे भारत में लगाया गया स्थायी बैन नहीं है। फिलहाल यह कार्रवाई राजस्थान में भ्रामक लेबलिंग (Misleading Labelling) और विज्ञापन संबंधी नियमों के उल्लंघन को लेकर की जा रही है।
किन 8 ब्रांड्स पर हुई कार्रवाई?
कुछ शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में सूची में मामूली अंतर देखने को मिला था, लेकिन विभागीय कार्रवाई मुख्य रूप से इन कैफीनेटेड एनर्जी ड्रिंक्स पर केंद्रित है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई जिन ब्रांड्स पर हुई है, उनमें शामिल हैं-
Red Bull
Sting
Monster Energy
Campa Energy
Hell Energy
Hell Sugar Free
Hell Classic
Adrenal Rush
आखिर कार्रवाई क्यों हुई?
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय के अनुसार इन उत्पादों के कैन और बोतलों पर ऐसे दावे लिखे गए थे, जैसे-
“Energy Drink”
“Stimulate Mind”
“Energy Body”
“Sports Drink”
विभाग का कहना है कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के अनुसार कैफीनेटेड पेय पदार्थों पर इस तरह के दावे उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकते हैं, यदि उनके समर्थन में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। यही वजह है कि इन उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अलग-अलग टीमों ने पिछले एक सप्ताह के दौरान 25 से अधिक शहरों में छापेमारी की इस दौरान 5 लाख से ज्यादा एनर्जी ड्रिंक्स की बोतलें और कैन जब्त किए गए। अधिकारियों ने दुकानदारों और वितरकों को चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इन उत्पादों की बिक्री या भंडारण किया गया तो खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
झुंझुनूं और सीकर में क्या हुआ?
कार्रवाई की शुरुआत शेखावाटी क्षेत्र से भी हुई। झुंझुनूं में खाद्य सुरक्षा विभाग ने रीको क्षेत्र के एक गोदाम पर छापा मारकर 200 कार्टन में रखी 6,012 Sting Classic की बोतलें जब्त कीं। इनके नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। वहीं सीकर में एक फैक्ट्री पर कार्रवाई के दौरान 1,800 प्लास्टिक बोतलें और 1,500 टिन कैन सीज किए गए। इन पर भी “Stimulate Mind” और “Energy Drink” जैसे दावे लिखे मिले। अब इन सभी नमूनों की लैब जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या ये ड्रिंक्स स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हैं?
इनका सेवन करने पर कुछ समय के लिए थकान कम महसूस होती है और व्यक्ति खुद को अधिक सतर्क महसूस कर सकता है। लेकिन बार-बार या अधिक मात्रा में सेवन करने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।बच्चों,गर्भवती महिलाओं,स्तनपान कराने वाली माताओं,अधिक कैफीन के प्रति संवेदनशील लोगों के लिए ऐसे पेय पदार्थ जोखिम बढ़ा सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक एनर्जी ड्रिंक्स में आमतौर पर अधिक मात्रा में कैफीन,काफी ज्यादा चीनी ,टॉरिन ,विटामिन-बी।
क्या पूरे भारत में बैन लग गया है?
नहीं! फिलहाल पूरे देश में इन एनर्जी ड्रिंक्स पर कोई राष्ट्रीय प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। राजस्थान में की गई कार्रवाई भ्रामक लेबलिंग और विज्ञापन संबंधी नियमों के आधार पर है। यदि कंपनियां नियमों के अनुरूप लेबलिंग और दावों में बदलाव करती हैं या जांच में आवश्यक मानकों का पालन साबित होता है, तो आगे की स्थिति सरकारी निर्णय और जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। राजस्थान में फिलहाल-
दुकानों पर इन उत्पादों की बिक्री और डिस्प्ले पर रोक रहेगी।
गोदामों में स्टोरेज पर भी कार्रवाई हो सकती है।
ई-कॉमर्स और इंस्टेंट डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर बिक्री रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं।
जब्त किए गए उत्पादों की लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान सरकार की यह कार्रवाई किसी एक ब्रांड के खिलाफ नहीं, बल्कि उत्पादों पर किए गए कथित भ्रामक दावों और लेबलिंग को लेकर है। इसलिए इसे स्वास्थ्य कारणों से लगे स्थायी राष्ट्रीय बैन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यदि आप एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन करते हैं, तो लेबल पर लिखे दावों के बजाय उनकी वास्तविक सामग्री खासकर कैफीन और शुगर की मात्रा पर ध्यान देना अधिक जरूरी है। विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि ऐसे पेय पदार्थों का सेवन सीमित मात्रा में ही किया जाए।



