जयपुर। अगर आपका बैंक अकाउंट है, तो साइबर ठगी के इस तरीके से सावधान रहना बेहद जरूरी है। अब ठगों का निशाना सिर्फ आपके बैंकिंग पासवर्ड या OTP तक सीमित नहीं है, बल्कि आपके मोबाइल नंबर पर भी है। SIM Swap Fraud के जरिए साइबर अपराधी आपके नंबर पर आने वाले बैंकिंग अलर्ट और OTP तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं।
क्या है SIM Swap Fraud?
SIM Swap फ्रॉड में साइबर ठग पहले किसी व्यक्ति की निजी जानकारी जुटाते हैं। इसके बाद धोखाधड़ी से उसी मोबाइल नंबर का डुप्लीकेट SIM जारी कराने की कोशिश की जाती है। अगर यह प्रक्रिया सफल हो जाती है, तो असली SIM का नेटवर्क बंद हो सकता है और नंबर दूसरे SIM पर सक्रिय हो सकता है। ऐसी स्थिति में बैंकिंग से जुड़े SMS, OTP और अन्य अलर्ट ठगों तक पहुंच सकते हैं। इसके बाद वे बैंकिंग या UPI सेवाओं का दुरुपयोग करने की कोशिश कर सकते हैं।
मोबाइल का नेटवर्क गायब हो जाए तो रहें अलर्ट
अगर आपके मोबाइल में अचानक नेटवर्क आना बंद हो जाए या स्क्रीन पर ‘SIM Not Provisioned’ अथवा ‘Invalid SIM’ दिखाई दे, तो इसे नजरअंदाज न करें। हालांकि, नेटवर्क गायब होने का मतलब हमेशा SIM Swap फ्रॉड नहीं होता। तकनीकी खराबी या नेटवर्क संबंधी समस्या भी इसकी वजह हो सकती है। ऐसी स्थिति में तुरंत अपने मोबाइल ऑपरेटर से संपर्क करें और SIM की स्थिति की पुष्टि करें। अगर SIM Swap का संदेह हो, तो अपने बैंक से संपर्क करके बैंक अकाउंट और UPI सेवाओं को सुरक्षित कराएं।
SIM Swap Fraud से बचने के लिए अपनाएं ये तरीके
- अपने बैंक अकाउंट, मोबाइल नंबर और निजी जानकारी से जुड़ी सूचनाएं अनजान लोगों के साथ साझा न करें।
- अचानक मोबाइल नेटवर्क बंद होने पर तुरंत टेलीकॉम ऑपरेटर से संपर्क करें।
- बैंकिंग सेवाओं में उपलब्ध ऐप-बेस्ड ऑथेंटिकेशन जैसे सुरक्षित विकल्प अपनाएं।
- बैंकिंग ऐप और UPI की ट्रांजेक्शन लिमिट जरूरत के मुताबिक रखें।
- अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की समय-समय पर जांच करें।
- बैंक ट्रांजेक्शन के अलर्ट पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत बैंक को सूचित करें।
साइबर ठगी होने पर कहां करें शिकायत?
अगर आपको SIM Swap फ्रॉड या किसी अन्य साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का संदेह है, तो तुरंत अपने बैंक और मोबाइल ऑपरेटर से संपर्क करें। वित्तीय साइबर ठगी की शिकायत के लिए भारत की साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। याद रखें, मोबाइल नेटवर्क का अचानक गायब होना हमेशा ठगी का संकेत नहीं है, लेकिन ऐसी स्थिति में तुरंत जांच करना आपके बैंक अकाउंट को सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है।



