Sawan Ka Pahla Somwaar: सावन माह के पहले सोमवार को प्रदेशभर के प्रमुख शिवालयों में तड़के से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान शिव के जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में लंबी कतारें लगी रहीं. श्रद्धालुओं के उत्साह को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है और प्रमुख मंदिरों तथा कांवड़ मार्गों पर ड्रोन व सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है.
ताड़केश्वर महादेव में विशेष भस्म आरती
जयपुर के ऐतिहासिक ताड़केश्वर महादेव मंदिर में उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर सुबह 4 बजे विशेष भस्म आरती का आयोजन किया गया. मंदिर के पुजारी शक्ति व्यास के अनुसार, मंदिर के कपाट सुबह 3:45 बजे खोले गए, जिसके बाद भगवान शिव का अभिषेक और भस्म आरती संपन्न हुई. इसके बाद भगवान शिव का 51 किलोग्राम देसी गाय के घी और 151 किलोग्राम दूध, दही, शहद एवं शक्कर से महाभिषेक किया गया. मंगल आरती के दौरान भगवान शिव का विशेष श्रृंगार भी किया गया।

गलता तीर्थ से निकली कांवड़ यात्राएं
जयपुर के गलता तीर्थ पर रविवार देर रात से ही हजारों श्रद्धालु पहुंचने लगे. श्रद्धालुओं ने पवित्र कुंड में स्नान किया, कांवड़ में जल भरा और अपने-अपने क्षेत्रों के शिवालयों की ओर रवाना हुए. रविवार को गलता तीर्थ से बरकत नगर स्थित रामेश्वरम शिवालय तक भव्य कांवड़ एवं कलश यात्रा भी निकाली गई. यात्रा के संयोजक मनीष भार्गव के अनुसार, 11वीं वार्षिक यात्रा में 300 से अधिक महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया. युवाओं और बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ यात्रा में हिस्सा लिया. श्रद्धालु हाथों में केसरिया ध्वज और तिरंगा लेकर “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष करते हुए आगे बढ़ते रहे.
प्रदेशभर के शिवालयों में उमड़ी भीड़
जयपुर के झारखंड महादेव मंदिर में भी दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगीं. वहीं जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, अलवर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के शिवालयों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और कांवड़ यात्राओं को देखते हुए जयपुर पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है. प्रमुख शिवालयों और कांवड़ मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है.
मंदिरों में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए गए हैं, बैरिकेडिंग और पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है. पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं. पूरे सावन माह के दौरान प्रमुख शिवालयों और कांवड़ मार्गों पर छह विशेष पुलिस दल भी तैनात रहेंगे, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु आवाजाही सुनिश्चित की जा सके.
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