Salman Khan- Kubbra Sait : मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस कुब्रा सैत (Kubbra Sait) आज भले ही ‘सैक्रेड गेम्स’ में अपने यादगार किरदार ‘कुकू’ के लिए पहचानी जाती हों, लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब वह मुंबई में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रही थीं। हाल ही में एक वीडियो में कुब्रा सैत ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्हें किस तरह सलमान खान (Salman Khan ) की फिल्म ‘रेडी’ (Ready) में अपना पहला मौका मिला। इस फिल्म का निर्देशन अनीस बज़्मी (Anees Bazmee) ने किया था।

कुब्रा को ‘रेडी’ से मिला पहला बॉलीवुड ब्रेक
कुब्रा ने बताया कि उन्होंने इस रोल के लिए एक छोटी ब्लैक ड्रेस पहनकर ऑडिशन दिया था और बेसब्री से अनीस बज्मी के ऑफिस में उनके अप्रूवल का इंतजार कर रही थीं। शुरुआत में फिल्म में उनके किरदार के लिए कोई डायलॉग नहीं था और उन्हें एक मेड का रोल दिया गया था। लेकिन बाद में सलमान खान ने सुझाव दिया कि उनके किरदार को थोड़ा मजेदार बनाया जाए और वह टूटी-फूटी अंग्रेज़ी बोले। अनीस बज्मी को सलमान खान यह आइडिया काफी पसंद आया और इसी वजह से कुब्रा के किरदार में डायलॉग्स जोड़े गए। यही छोटा-सा बदलाव उनके लिए स्क्रीन पर यादगार पल बन गया।
अपने अनुभव को साझा करते हुए कुब्रा ने कहा,“यह वही ऑडिशन था जिसमें मैंने एक छोटी ब्लैक ड्रेस पहनी थी और अनीस बज्मी सर के अप्रूवल का इंतजार कर रही थी। मैं फिल्म ‘रेडी’ में एक मेड का किरदार निभाने वाली थी और इसे लेकर बहुत उत्साहित थी। इस फिल्म को करते समय मेरे अंदर गज़ब का आत्मविश्वास था, क्योंकि मैंने इससे पहले कभी कोई फिल्म नहीं की थी। शुरुआत में मेरे किरदार के कोई डायलॉग भी नहीं थे। लेकिन फिर सलमान खान ने कहा कि क्यों न इस मेड को टूटी-फूटी अंग्रेज़ी बोलने वाला बनाया जाए।

अगर मैं इतनी ‘पागल’ नहीं होती, तो शायद मैं कभी ‘कुकू’ नहीं बन पाती
अनीस सर को यह आइडिया पसंद आया और इस तरह मुझे फिल्म में डायलॉग मिले। कुब्रा ने बताया, “हालांकि उस दौरान हर किसी ने मुझसे कहा कि मैं पागल हूं, अधीर हूं, जो ‘रेडी’ में सुनैना कपूर का इतना छोटा रोल कर रही हूं। लेकिन अगर मैंने ‘रेडी’ नहीं की होती, यदि मैं इतनी ‘पागल’ नहीं होती, तो शायद मैं कभी ‘कुकू’ नहीं बन पाती। कभी मत कहो कि कोई रोल छोटा है। छोटे रोल नहीं होते, छोटे कलाकार होते हैं।
कुब्रा ने बताया कि उनके आसपास कई लोगों को लगता था कि इतनी बड़ी कमर्शियल फिल्म में छोटा किरदार स्वीकार करना सही फैसला नहीं है। लेकिन अभिनेत्री का मानना है कि यही फिल्म उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। उनके मुताबिक, अगर उन्होंने उस समय यह मौका नहीं लिया होता, तो शायद उन्हें आगे चलकर ‘कुकू’ जैसा आइकॉनिक किरदार निभाने का अवसर भी नहीं मिलता। अपनी कहानी के अंत में कुब्रा ने उभरते कलाकारों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी भूमिका को छोटा नहीं समझना चाहिए। एक दशक बाद भी वह ‘रेडी’ को अपने अभिनय सफर का सबसे अहम पड़ाव मानती हैं।



