Brij Bhushan Sharan Singh: भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को सोमवार को बड़ी कानूनी राहत मिली. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के मामले में बृजभूषण शरण सिंह और WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को बरी कर दिया. यह मामला महिला पहलवानों द्वारा बृजभूषण शरण सिंह के WFI अध्यक्ष रहते हुए लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा था. दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2023 में इस मामले में करीब 1,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी. इसमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 354, 354A, 354D और 506(1) के तहत यौन उत्पीड़न, महिला की गरिमा भंग करने, पीछा करने और आपराधिक धमकी जैसे आरोप शामिल थे. इस मामले में विनोद तोमर को भी सह-आरोपी बनाया गया था.
कोर्ट के फैसले पर बृजभूषण सिंह ने क्या कहा ?
महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बरी होने पर बृजभूषण सिंह ने कहा मैंने पहले दिन ही कहा था कि अगर कोई भी आरोप साबित हो जाएगा तो मैं स्वयं फांसी पर लटक जाऊंगा. आज कोर्ट ने बाइज्जत बरी किया, मेरी लिए और मेरे समर्थकों के लिए प्रसन्नता का विषय है.’
#WATCH दिल्ली: महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बरी होने पर ब्रजभूषण सिंह ने कहा, "सबसे पहले कोर्ट ने कहा कि ब्रजभूषण सिंह और विनोद तोमर को बाइज्जत बरी किया जाता है। मैंने पहले दिन ही कहा था कि अगर कोई भी आरोप साबित हो जाएगा तो मैं स्वयं फांसी पर लटक जाऊंगा। आज कोर्ट ने… pic.twitter.com/CA6LdB4uPK
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 3, 2026
पिछले महीने फैसला रखा गया था सुरक्षित
पिछले महीने अदालत ने दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था और 3 अगस्त को निर्णय सुनाने की तारीख तय की थी. मामले की सुनवाई बंद कमरे में हुई थी. शिकायतकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन ने दलीलें पेश कीं, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता राजीव मोहन के नेतृत्व में वकीलों की टीम ने अपनी पैरवी पूरी की थी. अदालत ने दोनों पक्षों को लिखित दलीलें भी दाखिल करने का निर्देश दिया था।
जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद दर्ज हुई थी FIR
यह मामला वर्ष 2023 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों के विरोध-प्रदर्शन के बाद दर्ज एफआईआर से जुड़ा था. पहलवानों ने आरोप लगाया था कि WFI अध्यक्ष रहते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने उनके साथ यौन उत्पीड़न किया. मुकदमे के दौरान अदालत ने विशेष जांच दल (SIT) के सदस्य और जांच अधिकारी समेत कई गवाहों के बयान भी दर्ज किए थे. आरोप भारत और विदेश की महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए थे.
2024 लोकसभा चुनाव में कटा था टिकट
यौन उत्पीड़न के आरोप सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बृजभूषण शरण सिंह को टिकट नहीं दिया था. उनकी जगह पार्टी ने उनके बेटे करण भूषण सिंह को उम्मीदवार बनाया था, जिन्होंने चुनाव में जीत दर्ज की थी. अब अदालत से बरी होने के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या बृजभूषण शरण सिंह भविष्य में फिर सक्रिय चुनावी राजनीति में वापसी करेंगे.
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