Tuesday, April 21, 2026
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रूस ने ईरान के संवर्धित यूरेनियम मुद्दे को सुलझाने की पेशकश की, लावरोव बोले- मॉस्को हर संभव सहयोग को तैयार

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि मास्को ईरान के संवर्धित यूरेनियम मुद्दे को सुलझाने में मदद करने को तैयार है। इसमें यूरेनियम को ईंधन ग्रेड में विनिर्माण या उसका भंडारण रूस में करना शामिल हो सकता है। रूस ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु अधिकारों का सम्मान किया जाएगा। इससे पहले रूस 2015 परमाणु समझौते में भी अहम भूमिका निभा चुका है।

Iran Nuclear Deal : बीजिंग। रूस के शीर्ष राजनयिक ने बुधवार को एक बार फिर दोहराया कि मॉस्को ईरान में ‘संवर्धित यूरेनियम की समस्या को सुलझाने में भूमिका निभाने के लिए’ तैयार है। बीजिंग की दो दिवसीय यात्रा पर आए रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Sergey Lavrov) ने संवाददाताओं से कहा, यह भूमिका कई रूपों में हो सकती है। इसमें अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को ईंधन ग्रेड यूरेनियम में पुनर्संसाधित करना या भंडारण के लिए एक निश्चित मात्रा रूस को स्थानांतरित करना शामिल है। ऐसा कुछ भी जो ईरान को स्वीकार्य हो और उसके शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम संवर्धन के अधिकार का उल्लंघन न करता हो।

रूस 2015 में ईरान और छह परमाणु शक्तियों के बीच हुए उस समझौते का हिस्सा था, जिसमें तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंकुश लगाने और व्यापक अंतरराष्ट्रीय निगरानी के बदले उसे प्रतिबंधों से राहत देने की बात कही गई थी। उस समझौते के तहत मॉस्को ने ईरान से संवर्धित यूरेनियम की बड़ी मात्रा हटाई थी। जब ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान अमेरिका एकतरफा तौर पर इस समझौते से हट गया था, तब रूस के राष्ट्रपति कार्यालय ‘क्रेमलिन’ ने ईरान को राजनीतिक समर्थन दिया था।

आईएईए प्रमुख बोले ईरान परमाणु सत्यापन जरूरी

संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी आईएईए के प्रमुख ने बुधवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते में ईरान की परमाणु गतिविधियों के सत्यापन हेतु ‘बहुत विस्तृत’ उपायों को शामिल किया जाना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए एक संपूर्ण सत्यापन व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि ईरान के साथ वार्ता का दूसरा दौर अगले दो दिनों में हो सकता है। ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना युद्ध का एक प्रमुख लक्ष्य है। ईरान ने पहले कहा था कि वह ऐसे हथियार विकसित नहीं कर रहा है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम पर किसी भी प्रकार की रोक को मानने से उसने इनकार किया है।

ईरान के साथ युद्ध ‘खत्म होने के करीब’ है : ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध ‘‘खत्म होने के करीब’’ है और दावा किया कि यदि वह अभी पीछे हट जाएं, तो ईरान को दोबारा खड़े होने में 20 साल लग जाएंगे। राष्ट्रपति की यह टिप्पणी उस बयान के कुछ घंटों बाद आयी है, जिसमें ‘यूएस सेंट्रल कमांड’ ने कहा था कि नाकेबंदी के पहले 24 घंटों में ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों से आने-जाने वाले सभी यातायात को सफलतापूर्वक रोक दिया गया है।

साथ ही कहा गया कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए नौवहन की स्वतंत्रता का समर्थन कर रहा है। ट्रंप ने ‘फॉक्स न्यूज’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह लगभग खत्म हो चुका है। मैं इसे लगभग समाप्ति के करीब मानता हूं।’’ यह साक्षात्कार बुधवार को प्रसारित किया जाएगा। ‘मॉर्निंग्स विद मारिया’ कार्यक्रम के लिए यह साक्षात्कार मंगलवार को रिकॉर्ड किया गया था।

Mukesh Kumar
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