मॉस्को। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी सेना ने यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों में स्थित 153 सैन्य लक्ष्यों पर सटीक हमले किए हैं। मंत्रालय के अनुसार, इन अभियानों में लंबी दूरी की मिसाइलों, ड्रोन और अन्य आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। रूस का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य यूक्रेन की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाना था।
रूसी अधिकारियों के मुताबिक, हमलों के दौरान सैन्य हवाई अड्डों, हथियार भंडारण केंद्रों, ड्रोन संचालन से जुड़े ठिकानों तथा रक्षा उत्पादन से संबंधित परिसरों को लक्ष्य बनाया गया। उनका दावा है कि सभी निर्धारित लक्ष्यों पर सफलतापूर्वक प्रहार किया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। दूसरी ओर, यूक्रेन ने कहा है कि रूसी हमलों के कारण कई क्षेत्रों में विस्फोट हुए और कुछ स्थानों पर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। यूक्रेनी प्रशासन का कहना है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने बड़ी संख्या में मिसाइलों और ड्रोन को रास्ते में ही निष्क्रिय कर दिया, जिससे संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सका।
स्थानीय प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी रखने की बात कह रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच हमलों की तीव्रता बढ़ी है। रूस इन सैन्य कार्रवाइयों को यूक्रेन की ओर से किए गए हालिया हमलों के जवाब के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जबकि यूक्रेन का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।
युद्ध के लगातार जारी रहने से आम नागरिकों की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। कई क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है और आवश्यक सेवाओं पर भी असर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और संघर्ष को कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज करने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।



