कोलंबो। भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। पंत ने विदेशी या तटस्थ मैदानों पर टेस्ट क्रिकेट में 2500 से ज्यादा रन पूरे करते हुए दिग्गज एमएस धोनी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। वह विदेशी टेस्ट में भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले विकेटकीपर-बल्लेबाज बन गए हैं।
धोनी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा
पंत ने इस उपलब्धि के साथ धोनी के 2496 विदेशी टेस्ट रन के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया। उनका यह रिकॉर्ड बताता है कि विदेशी परिस्थितियों में भी पंत का बल्ला लगातार प्रभावी रहा है। इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसी मुश्किल परिस्थितियों में उन्होंने कई यादगार पारियां खेली हैं।
पंत की आक्रामक बल्लेबाजी शैली और दबाव में तेजी से रन बनाने की क्षमता ने उन्हें भारतीय टेस्ट टीम का अहम खिलाड़ी बनाया है।
चोट के बाद की शानदार वापसी
इस उपलब्धि को पंत के लिए और खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि टेस्ट के पहले दिन उन्हें चोट लग गई थी। श्रीलंकाई तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा की तेज गेंद उनके बाएं हाथ पर लगी थी। दर्द के बाद पंत को मैदान छोड़ना पड़ा और उन्होंने उस समय सिर्फ तीन रन बनाए थे।
हालांकि, अगले दिन पंत ने हिम्मत दिखाई और दोबारा बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे। उन्होंने ध्रुव जुरेल के साथ भारतीय पारी को संभालने की कोशिश की और टीम के स्कोर को मजबूत करने में अहम योगदान दिया।
पंत का विदेशी क्रिकेट में दबदबा
पंत ने अपने टेस्ट करियर में विदेशी जमीन पर कई शानदार पारियां खेली हैं। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता के साथ-साथ मुश्किल परिस्थितियों में टिककर खेलने की क्षमता भी दिखाई देती है। यही वजह है कि वह भारतीय विकेटकीपरों के बीच विदेशी टेस्ट में सबसे सफल बल्लेबाज बन गए हैं।
पंत की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने एमएस धोनी जैसे दिग्गज का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा है। धोनी भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल विकेटकीपरों में शामिल रहे हैं और लंबे समय तक विदेशी टेस्ट में भारतीय विकेटकीपरों के बीच सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड उनके नाम था।
एक और रिकॉर्ड की ओर बढ़े पंत
श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में पंत ने अपनी वापसी से यह भी साबित किया कि चोट के बावजूद उनका आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज कायम है। वह लगातार भारतीय टेस्ट क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा रहे हैं।
पंत की यह उपलब्धि उनके करियर की बढ़ती विरासत को दर्शाती है। एमएस धोनी का रिकॉर्ड पीछे छोड़कर विदेशी टेस्ट में 2500 रन का आंकड़ा पार करना उनके शानदार टेस्ट करियर में एक और बड़ी उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है।



