जयपुर। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की नई कार्यकारिणी के चुनाव का शंखनाद हो चुका है। बुधवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही आरसीए के गलियारों में सियासी पारा चढ़ गया है। खास बात यह है कि चुनाव के पहले ही दिन आरसीए के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया, जब पहली बार किसी महिला ने कार्यकारिणी पद के लिए दावेदारी ठोकी। दौसा जिला क्रिकेट संघ की अध्यक्ष शोभना गुर्जर ने एग्जीक्यूटिव मेंबर (कार्यकारी सदस्य) पद के लिए पर्चा भरा। इसके साथ ही आरसीए के चुनावी दंगल में महिला भागीदारी की शुरुआत हो गई है। नामांकन पत्र 26 सितंबर तक दाखिल किए जाएंगे, जिसके बाद 29 सितंबर को वोटिंग होगी।
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अध्यक्ष की कुर्सी का घमासान: राठौड़ vs खींवसर
आरसीए के 6 पदों में सबसे ज्यादा घमासान अध्यक्ष पद को लेकर है। इस रेस में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दो बड़े नेताओं के बेटों का नाम सबसे आगे चल रहा है:
- पराक्रम सिंह: पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के पुत्र।
- धनंजय सिंह: स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पुत्र।
दोनों ही खेमे जिला क्रिकेट संघों के प्रतिनिधियों (वोटरों) को साधने में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इनके अलावा एडहॉक कमेटी के पूर्व कन्वीनर और बीजेपी विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव और पूर्व कन्वीनर दीनदयाल कुमावत भी अध्यक्ष की रेस में ताल ठोक रहे हैं।
क्या गैर-नेता पुत्र बिगाड़ेंगे खेल?
अध्यक्ष पद की इस रेस में सिर्फ नेताओं के बेटे ही शामिल नहीं हैं, बल्कि तीन बड़े नाम और भी हैं जो समीकरण बदल सकते हैं:
- उदयपुर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष लक्ष्यराज सिंह मेवाड़
- डूंगरपुर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष गौरव वल्लभ
- श्रीगंगानगर जिला क्रिकेट संघ के कोषाध्यक्ष जयदीप बिहानी
अगर पर्दे के पीछे किसी ऐसे चेहरे पर सहमति बनती है जो विशुद्ध रूप से खेल या अन्य बैकग्राउंड से आता हो, तो इन तीन नामों पर दांव खेला जा सकता है।
सचिव, उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष पद का गणित
आरसीए में अध्यक्ष के बाद सचिव और कोषाध्यक्ष के पद सबसे पावरफुल माने जाते हैं। यहाँ भी बड़े राजनीतिक घरानों का दबदबा साफ दिख रहा है:
- सचिव पद: राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी, बीजेपी नेता पिंकेश जैन और बृज किशोर उपाध्याय मुख्य दावेदार हैं। इसके अलावा सोमेंद्र तिवारी और रतन सिंह भी दावेदारी कर रहे हैं।
- उपाध्यक्ष पद: शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर और मंत्री ओटाराम देवासी के बेटे विक्रम देवासी के नाम चर्चा में हैं।
- कोषाध्यक्ष पद: अगर पिंकेश जैन या आशीष तिवाड़ी में से कोई सचिव नहीं बनता है, तो उन्हें कोषाध्यक्ष पद पर एडजस्ट किया जा सकता है। आरएसएस से जुड़े रमेश अग्रवाल के बेटे क्षितिज अग्रवाल और सुशील जैन भी इस रेस में शामिल हैं।
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असली चाबी 38 वोटरों के पास, ‘एडजस्टमेंट’ का चलेगा फॉर्मूला
आरसीए चुनाव में कुल 38 मतदाता ही फैसला करेंगे कि बागडोर किसके हाथ में होगी। इनमें:
- 34 जिला क्रिकेट संघों के सचिव
- जयपुर और नागौर की एडहॉक कमेटियों के कन्वीनर (2)
- 2 पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
चुनावी रणनीतिकारों का मानना है कि आरसीए का यह चुनाव पदों के पैकेज (फॉर्मूले) पर लड़ा जा रहा है। अगर अध्यक्ष पद पर किसी एक खेमे (जैसे राठौड़ या खींवसर) का चेहरा तय होता है, तो दूसरे खेमे के दावेदार को सचिव या कोषाध्यक्ष पद देकर ‘संतुष्ट’ किया जाएगा। नामांकन वापसी के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी, लेकिन फिलहाल 38 वोटरों को रिझाने का ‘साम-दाम-दंड-भेद’ वाला खेल पूरे शबाब पर है।



