जयपुर। दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस और विपक्षी दलों की महारैली में जुटी भीड़ को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से रैली में 10 लाख लोगों के शामिल होने के दावे पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं। भाजपा सोशल मीडिया के राष्ट्रीय संयोजक दीपक महस्के ने दावा किया कि रैली में 20 हजार लोग भी नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अपने-अपने नैरेटिव चलाए जा रहे हैं, लेकिन आखिरकार जनता को तय करना है कि सही कौन है। दीपक महस्के सोमवार को जयपुर प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस की महारैली, सोशल मीडिया की भूमिका और आगामी लोकसभा चुनाव 2029 को लेकर भाजपा की रणनीति पर अपनी बात रखी।
कांग्रेस के 10 लाख की भीड़ के दावे पर सवाल
दिल्ली में आयोजित विपक्ष की महारैली में कांग्रेस की ओर से 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया गया था। इस पर तंज कसते हुए दीपक महस्के ने कहा कि रैली में 20 हजार लोग भी एकत्र नहीं हुए। महस्के ने कहा कि सोशल मीडिया पर दोनों पक्ष अपने-अपने तरीके से बात रखते हैं, लेकिन जनता को तय करना है कि कौन-सा नैरेटिव सही है। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठ के आधार पर कोई भी राजनीतिक दल लंबे समय तक अपना नैरेटिव नहीं चला सकता। उन्होंने कहा कि भाजपा तथ्यों के साथ जनता के सामने अपनी बात रखती है और सोशल मीडिया के माध्यम से गलत दावों का जवाब देने का काम करती है।
2029 के चुनाव में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी होगी सियासी लड़ाई
भाजपा सोशल मीडिया के राष्ट्रीय संयोजक दीपक महस्के ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव 2029 की तैयारी केवल जमीनी स्तर तक सीमित नहीं रहेगी। चुनावी रणनीति में सोशल मीडिया की भी अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को साथ लेकर चलेगी। पार्टी का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए जनता तक अपनी बात प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकती है। महस्के के मुताबिक, युवाओं की सक्रियता को देखते हुए इंस्टाग्राम पर विशेष फोकस रहेगा। इसके साथ ही फेसबुक और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर भी पार्टी अपनी सक्रियता बनाए रखेगी।
सोशल मीडिया पर विपक्ष के नैरेटिव का जवाब देने की तैयारी
महस्के ने कहा कि सोशल मीडिया राजनीति का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। भाजपा इस प्लेटफॉर्म पर भी एक बड़ी लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सोशल मीडिया पर झूठे नैरेटिव गढ़ने का प्रयास करता है। भाजपा की सोशल मीडिया टीम ऐसे दावों का जवाब तथ्यों के साथ जनता तक पहुंचाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को नई तकनीक और सोशल मीडिया के बदलते स्वरूप के अनुरूप प्रशिक्षित करेगी, ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संगठन की बात प्रभावी ढंग से रखी जा सके।
डीपफेक वीडियो को बताया बड़ी चुनौती
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में डीपफेक वीडियो को लेकर महस्के ने इसे आने वाले समय की बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि तकनीक के जरिए ऐसे वीडियो तैयार किए जा सकते हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं होता। भाजपा की ओर से ऐसी सामग्री की फैक्ट चेकिंग कराई जाती है। गलत साबित होने वाली सामग्री को फेक बताकर सोशल मीडिया पर साझा किया जाता है, ताकि लोगों के बीच फैले भ्रम को दूर किया जा सके।
2029 के लिए सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं को मिलेगा प्रशिक्षण
महस्के ने कहा कि सोशल मीडिया लगातार बदलने वाला माध्यम है और इसमें नई-नई तकनीकें सामने आती रहती हैं। ऐसे में कार्यकर्ताओं को अपडेट रखना जरूरी है। उन्होंने बताया कि भाजपा में प्रशिक्षण का दौर लगातार चलता रहता है। आने वाले समय में सोशल मीडिया के लिए और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। पार्टी डिजिटल प्रचार के साथ अपने संगठनात्मक नेटवर्क को भी मजबूत करने पर काम कर रही है।



