इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने UGC के इक्विटी रेगुलेशन, 2026 को “असंतुलित” बताते हुए कहा है कि आगे इस मामले में जो भी फैसला हो, वह निष्पक्ष और संतुलित होना चाहिए। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि संगठन ने अपनी चिंता सरकार और UGC के अधिकारियों तक पहुंचाई थी, जिस पर दोनों ने ध्यान दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने नियमों पर लगाई रोक
सुनील आंबेकर ने कहा कि UGC के नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है और मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में लिया जाने वाला फैसला सभी पक्षों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए संतुलित हो।
UGC ने 13 जनवरी 2026 को उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव रोकने और समानता को बढ़ावा देने के लिए नए इक्विटी रेगुलेशन अधिसूचित किए थे। इन नियमों में संस्थानों को समता समितियां गठित करने और भेदभाव से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई करने की व्यवस्था की गई थी।
नियमों के कुछ प्रावधानों को लेकर विरोध और कानूनी चुनौती सामने आई। इसके बाद 29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने 2026 के नियमों को फिलहाल स्थगित रखते हुए UGC के 2012 के नियमों को लागू रखने का निर्देश दिया। अदालत ने नियमों की भाषा और संभावित प्रभावों पर भी सवाल उठाए थे।
RSS ने इस पूरे विवाद में सामाजिक एकता बनाए रखने पर जोर दिया है। आंबेकर के मुताबिक, आगे की प्रक्रिया में सरकार और अदालत को ऐसा रास्ता सुनिश्चित करना चाहिए, जिससे फैसला संतुलित हो और समाज की एकता भी बनी रहे।



