जयपुर। एक ही कंपनी से 40 विला और कॉटेज खरीदने के मामले में घिरे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। राज्य सरकार के कार्मिक विभाग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है। मामला आईएएस शिखर अग्रवाल और उनकी पत्नी आईपीएस डॉ. प्रशाखा माथुर पर लगाए गए संपत्ति खरीद और नियमों में कथित छूट देकर कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोपों से जुड़ा है।
आरोपों के मुताबिक, शिखर अग्रवाल, प्रशाखा माथुर और उनके परिवार ने गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड से अलवर के अजबगढ़ में 20 विला और उदयपुर के बुझड़ा में 20 कॉटेज खरीदे थे। इन 40 संपत्तियों की कुल खरीद कीमत 6 करोड़ 16.5 लाख रुपये बताई गई है।
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खरीद के बाद उसी कंपनी को लीज पर देने का आरोप
इस मामले में एक अहम पहलू यह है कि खरीद के तुरंत बाद सभी 40 विला-कॉटेज उसी कंपनी को लीज पर दे दिए गए, जिससे इन्हें खरीदा गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बुझड़ा के 20 कॉटेज चार लाख रुपये प्रति कॉटेज और अजबगढ़ के 20 विला पांच लाख रुपये प्रति विला सालाना किराये पर दिए गए। इस व्यवस्था के तहत दंपति को हर साल कुल 1.80 करोड़ रुपये लीज रेंट मिलने की बात कही जा रही है। इसी लेनदेन को लेकर वित्तीय अनियमितताओं के सवाल उठाए जा रहे हैं।
संपत्ति विवरण में कथित गड़बड़ी
शिखर अग्रवाल और प्रशाखा माथुर पर संपत्ति रिटर्न में हेरफेर के आरोप भी लगाए गए हैं। दावे के अनुसार, दोनों के नाम पर कुल 28 विला-कॉटेज पंजीकृत हैं, जबकि रिकॉर्ड में केवल 14 संपत्तियों का ही उल्लेख किया गया है।
यह भी आरोप है कि आईपीएस प्रशाखा माथुर ने 8 जनवरी 2026 को दाखिल अपने इमूवेबल प्रॉपर्टी रिटर्न (IPR) में संपत्ति का विवरण शून्य दर्शाया था, जबकि बुझड़ा और अजबगढ़ में उनके नाम पर 14 विला-कॉटेज दर्ज होने की बात सामने आई है।
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सात दिन में जवाब, आगे की कार्रवाई पर नजर
कार्मिक विभाग ने शिखर अग्रवाल से सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है। जवाब मिलने के बाद विभाग आगे की कार्रवाई पर विचार कर सकता है। सरकारी सेवा नियमों के तहत संपत्ति का विवरण छिपाने का मामला गंभीर माना जाता है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, नोटिस जारी होना अपने आप में आरोपों के साबित होने का प्रमाण नहीं है। मामले में विभागीय प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों का जवाब आगे की स्थिति स्पष्ट करेगा।



