जयपुर। पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर असंतोष और नेताओं के इस्तीफों ने हलचल बढ़ा दी है। सोमवार को दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुख्यालय के बाहर ‘BJP जिंदाबाद’ के नारे सुनाई दिए। इस दौरान AAP के पूर्व विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा सहित कुछ नेता मौजूद रहे। दोनों नेताओं के भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। इसी बीच अमृतसर नॉर्थ से AAP विधायक रहे कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस कदम से राज्य की सियासत में नई चर्चा शुरू हो गई है।
BJP मुख्यालय के बाहर लगे समर्थन में नारे
दिल्ली में BJP मुख्यालय के बाहर सोमवार को हुए घटनाक्रम को पंजाब की राजनीति में संभावित बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। पूर्व AAP विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा सहित कुछ नेताओं ने भाजपा के समर्थन में नारे लगाए।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों नेताओं की भाजपा नेतृत्व से मुलाकात और पार्टी मुख्यालय में मौजूदगी के बाद उनके पाला बदलने की चर्चाएं तेज हुई हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनके भाजपा की औपचारिक सदस्यता लेने की पुष्टि नहीं हुई है।
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने विधानसभा से दिया इस्तीफा
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच पूर्व IPS अधिकारी और अमृतसर नॉर्थ से विधायक रहे कुंवर विजय प्रताप सिंह का इस्तीफा भी अहम माना जा रहा है। उन्होंने पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को अपना त्यागपत्र भेजा है।
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने 1 नवंबर 2026 से विधानसभा की सदस्यता छोड़ने की बात कही है। उन्होंने अपने इस्तीफे की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए भी साझा की।
AAP के लिए बढ़ी राजनीतिक चुनौती
पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के लिए नवंबर की शुरुआत राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है। पार्टी से जुड़े नेताओं के इस्तीफे और भाजपा के समर्थन में सामने आए नारे सियासी चर्चा का विषय बने हुए हैं।
हालांकि, इन घटनाक्रमों के आगे क्या राजनीतिक असर होंगे, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल नेताओं के भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं और कुंवर विजय प्रताप सिंह के इस्तीफे ने पंजाब की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।



