जयपुर। एक ही कंपनी से 40 विला-कॉटेज खरीदने के मामले में IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। राज्य सरकार के कार्मिक विभाग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है। वहीं, जिस कंपनी से अग्रवाल और उनके परिवार ने विला-कॉटेज खरीदे, उसे मिलने वाले सरकारी लाभों पर भी एसीबी की प्रारंभिक जांच पूरी होने तक रोक लगा दी गई है। 30 अक्टूबर को जारी नोटिस में कार्मिक विभाग ने संपत्तियों से जुड़े खुलासों का उल्लेख करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में IPS अधिकारी और उनकी पत्नी प्रशाखा माथुर के नाम खरीदे गए विला को प्रॉपर्टी रिटर्न में शामिल नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया है।
परिवार के 40 विला-कॉटेज खरीदने का मामला
एक मीडिया रिपोर्ट में IAS शिखर अग्रवाल, उनकी IPS पत्नी प्रशाखा माथुर, दोनों बेटों और सास-ससुर द्वारा एक ही कंपनी से 40 विला-कॉटेज खरीदने का खुलासा किया गया था। इस मामले के सामने आने के बाद शिखर अग्रवाल और प्रशाखा माथुर को उनके पदों से हटाकर APO किया जा चुका है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने शनिवार को शिखर अग्रवाल के खिलाफ प्रारंभिक जांच (PE) दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
गोयल फैशन्स को मिलने वाले सरकारी लाभों पर रोक
शिखर अग्रवाल और उनके परिवार ने जिस कंपनी से विला-कॉटेज खरीदे, उस गोयल फैशन्स प्राइवेट लिमिटेड को निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत मिलने वाले सरकारी लाभों पर रोक लगा दी गई है। ACB की प्रारंभिक जांच पूरी होने तक कंपनी को निवेश प्रोत्साहन और किसी भी तरह की सरकारी छूट का लाभ नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद आयुक्त उद्योग एवं वाणिज्य कार्यालय ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
ACB ने कई विभागों से मांगा रिकॉर्ड
मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए ACB ने विभिन्न विभागों से दस्तावेज और जानकारी मांगी है। सोमवार को उदयपुर के कलेक्टर और सब-रजिस्ट्रार के साथ अलवर के सब-रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा कार्मिक विभाग (DOP) से IAS अधिकारी के IR और GA-55 यानी प्रॉपर्टी रिटर्न से जुड़ी पूरी जानकारी मांगी गई है। आयकर विभाग से भी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) का रिकॉर्ड मांगा गया है।
ACB शिखर अग्रवाल और प्रशाखा माथुर को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी में भी है। एक ही कंपनी से 40 विला-कॉटेज खरीदने के मामले में IAS शिखर अग्रवाल को सरकार ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कार्मिक विभाग ने कारण बताओ नोटिस पर एक सप्ताह में जवाब देने को कहा है। इधर, शिखर अग्रवाल ने जिस कंपनी से विला खरीदे उसके सभी सरकारी फायदों पर एसीबी जांच होने तक रोक लगा दी है। 30 अक्टूबर को जारी किए गए नोटिस में खुलासे के जिक्र के साथ IPS पत्नी प्रशाखा माथुर के नाम खरीदे गए विला को प्रॉपर्टी रिटर्न में नहीं दिखाने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।



