जयपुर। राजस्थान पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस मुख्यालय ने प्रदेशभर के 100 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) के तबादला आदेश जारी किए हैं। विभाग की ओर से जारी आदेशों के अनुसार अधिकांश तबादले अधिकारियों की सेल्फ रिक्वेस्ट के आधार पर किए गए हैं। आदेश एडीजी कार्मिक बीजू जॉर्ज जोसफ की ओर से जारी किए गए।
तबादला सूची में जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, कोटा सहित प्रदेश की विभिन्न पुलिस रेंज और इकाइयों में नई नियुक्तियां की गई हैं। इसके अलावा सीआईडी-सीबी, एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS), स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) जैसी महत्वपूर्ण शाखाओं में भी अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। पुलिस मुख्यालय का कहना है कि इस प्रशासनिक फेरबदल का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना तथा विभागीय आवश्यकताओं के अनुसार अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करना है।
लंबित जांच वाले अधिकारियों को नहीं मिलेगी फील्ड पोस्टिंग
जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि जिन पुलिस निरीक्षकों के खिलाफ भ्रष्टाचार, विभागीय जांच या अन्य गंभीर अनुशासनात्मक मामले लंबित हैं, उन्हें फिलहाल फील्ड पोस्टिंग नहीं दी जाएगी। ऐसे अधिकारियों की तैनाती पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही की जाएगी। विभाग का मानना है कि यह कदम पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करेगा।
सतपाल सिंह का तबादला आदेश निरस्त
तबादला सूची में एक महत्वपूर्ण फैसला यह भी लिया गया है कि पुलिस निरीक्षक सतपाल सिंह का पूर्व में जारी स्थानांतरण आदेश निरस्त कर दिया गया है। इस संबंध में अलग से आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
तत्काल कार्यभार ग्रहण कराने के निर्देश
पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस आयुक्तों, रेंज आईजी, जिला पुलिस अधीक्षकों और संबंधित इकाइयों के प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि तबादला आदेशों का तत्काल प्रभाव से पालन सुनिश्चित किया जाए। स्थानांतरित अधिकारियों को शीघ्र कार्यमुक्त कर नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पुलिस व्यवस्था और प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों। एक साथ 100 पुलिस निरीक्षकों के तबादले को हाल के समय का राजस्थान पुलिस का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे विभिन्न जिलों और विशेष इकाइयों में कार्यप्रणाली को नई गति मिलेगी तथा पुलिस बल का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।



